नयी दिल्ली़,04 जनवरी, दिल्ली सरकार ने सम -विषम योजना की अग्नि परीक्षा पर खरा उतरने का आज दावा करते हुआ कहा कि दिल्ली के लोगोंं ने इसे पूर्ण समर्थन दिया और अग्नि परीक्षा पर राजधानी निवासियों की इच्छा भारी पड़ी। परिवहन मंत्री गोपाल राय ने लोक निर्माण मंत्री सत्येन्द्र जैन और मेट्रो रेल के प्रमुख मंगू सिंह के साथ साझा संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि पूरी दिल्ली से जो रिपोर्ट मिली तथा स्वयं उन्होंने जायजा लिया उससे यह बिल्कुल साफ नजर आया है कि अग्नि परीक्षा पर दिल्ली वालों की इच्छा भारी पड़ी है। एक जनवरी से शुरू की गयी इस योजना को आज लंबे सप्ताहांत अवकाश के बाद अग्नि परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था। श्री राय ने कहा कि सड़कों पर यातयात की जो स्थिति एक और दो जनवरी की थी उसी तरीके का नजारा आज भी था। योजना का उल्लंघन बाहर से आने वाली गाड़ियों ने ज्यादा किया। यातायात पुलिस आज कुछ ज्यादा सशक्त नजर आयी और चार सौ से अधिक चालान काटे। उल्लंघन करने पर दो हजार रुपये का भारी जुर्माना है।
प्रवर्तन विभाग ने भी 150 लोगों के चालान काटे। श्री राय ने बताया कि करीब आठ सौ लोगों ने शिकायतें की। मेट्रो रेल में भी इस संबंध में पूरी तैयारी की गयी थी लेकिन पहले की तुलना में आज कम लोगों ने सफर किया। मेट्रो की निगरानी टीम सुबह से ही मुस्तैद थी। सोशल मीडिया पर कई ऐसी तस्वीरें वायरल हुयीं थी जिनमें राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ दिखायी गयी थी। इस पर मेट्रो रेल के प्रमुख श्री सिंह ने कहा कि किसी भी स्टेशन पर मारामारी नहीं थी और रोजाना की तरह सेवा सामान्य रूप से चली। श्री राय ने बताया कि दिल्ली परिवहन निगम की बसों में भी बहुत अधिक भीड़ नहीं थी निगम ने 34 लाख यात्रियों को ढ़ोने की क्षमता के साथ काम किया। बसों के लिए 65 टीमें बनायी गयीं थीं। आपात स्थिति से निपटने के लिए सौ बसें रिजर्व में थी लेकिन उन्हें लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। बसों को लेकर कोई शिकायत नहीं आयी कुल 7143 बसें लगायी गयीं थी। परिवहन मंत्री ने स्कूल प्रबंधन पर धोखा देने का आरोप लगाते हुये कहा कि बहुत से स्कूलों ने कई कई बार अनुरोध के बावजूद बसें मुहैया नहीं करायी। कुल 1799 स्कूल बसों का पंजीकरण 408 स्कूलों का है लेकिन 125 स्कूलों की 366 बसें ही शामिल हुयीं। वादा करने के बाद भी 283 स्कूलों के 1433 बस मालिकों ने बसें मुहैया नहीं करायी। जिन स्कूलों ने वादा करने के बाद बसें मुहैया नहीं करायीं है उनके नाम सार्वजनिक किये जायेंगे लेकिन सरकार इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगी। गौरतलब है कि सरकार की तरफ से योजना के लिए बस उपलब्ध कराने के मामले को कुछ स्कूल अदालत में ले गये थे।
श्री राय ने कहा कि लोगों के सहयोग से आज का अभियान सफल रहा और मेट्रो की भीड़ वाली तस्वीर पर उनका कहना था कि फर्जीवाड़ा न किया जाए उन्होंने कहा कि लोगों ने इस योजना को स्थायी करने का अनुरोध किया है। योजना का पालन करने लिए किसी को बाध्य नहीं करना पड़ा और एक प्रतिशत से कम लोगों ने इसका उल्लंघन किया। उनका कहना था कि लोग इसे आंदोलन के रूप में ले रहे हैं और जल्दी ही सरकार अपने लक्ष्य तक पहुंचेगी। श्री राय का कहना था कि प्रदूषण को लेकर विशेषग्यों से जो बात की गयी है उसका निष्कर्ष यह है कि राजधानी के सीमावर्ती इलाकों में इस में कमी नहीं आ रही है जबकि पूरी दिल्ली में यह घट रहा है। सरकार पन्द्रह दिन का आंकलन करेगी और इसके बाद ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए ऐसी योजना बनाने का अनुरोध किया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि मेट्रो रेल सेवा में इस योजना के अमल में आने के बाद यात्रियों की भीड़भाड़ की लिहाज से आज पहला दिन था। सुबह ग्यारह बजे तक यात्रियों का आंकड़ा पिछले सोमवार जितना ही है और रात को आठ बजे और ग्यारह बजे फिर समीक्षा की जायेगी। सड़कों पर विषम नंबर की गाडियां कम दिखीं लेकिन सुबह के व्यस्त घंटों में मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन पर दबाव नजर आया। कई स्थानों पर तिपहिया चालक सवारियों से मनमाने पैसे मांगते देखे पूलिंग की ।
श्री राय की नैनो कार से मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सत्येन्द्र जैन कार पूलिंग कर दिल्ली सचिवालय पहुंचे। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जिनके पास विषम नंबर की कार है साइकिल से कार्यालय आये। शनिवार को भी उन्होंने साइकिल से यात्रा की थी। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली परिवहन निगम की बसों का इस्तेमाल किया। श्री मिश्रा ने ट्वीट कर कहा “ आज सुबह यातायात व्यवस्था ठीक रही।” समाज कल्याण मंत्री संदीप कुमार सम नंबर की कार होने के बावजूद सिविल लाइन स्थित अपने निवास से कश्मीरी गेट बस अड्डे तक पैदल आये और इसके बाद अपने विधानसभा क्षेत्र जाने के लिए निगम की बस का इस्तेमाल किया। सुबह के समय दिल्ली मेट्रो रेल सेवा में पहले की अपेक्षा काफी भीड़ दिखी। कई स्टेशनों पर यात्रियों की लम्बी- लम्बी लाइनें भी नजर आयीं। निगम की बसें भी खचाखच भरी हुई थीं । हालांकि दोपहर होते -होते स्थिति सामान्य हो गयी । कई स्थानों पर तिपहिया चालक सवारियों से अधिक पैसे मांगते देखे गये। पहले दो दिन के दौरान योजना का उल्लंघन करने पर 567 कार चालकों के चालान किये गये थे। इसके अलावा 348 तिपहिया चालकों को सवारियों को ले जाने से मना करने पर जुर्माना किया गया था।

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