भाजपा कर रही है विधायकों की खरीद-फरोख्त : हरीश रावत - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 4 अप्रैल 2016

भाजपा कर रही है विधायकों की खरीद-फरोख्त : हरीश रावत

bjp-has-been-buying-and-selling-of-legislators-harish
देहरादून 04 अप्रैल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में सत्ता हथियाने के लिये विधायकों का खरीद-फरोख्त करने में जुटी है। श्री रावत ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस सरकार राज्य में विकास की नई इबारत लिख रही थी, जिसके चलते भाजपा को अपने अस्तित्व का खतरा सताने लगा था। इसी उसने सरकार को गिराने का कुचक्र रचा और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया। यह सब भाजपा की कुत्सित मानसिकता का द्योतक है। उन्होंने कहा कि इस समय भाजपा सरकार बनाने की जुगत में लगी हुई है और वह इसके लिए धनबल का सहारा ले रही है। भाजपा को लगता है कि वह राज्य की जनता को भ्रमित करने में सफल हो जाएगी, लेकिन राज्य की जागरूक जनता इस कोशिश को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को जबरन बर्खास्त किया गया है। 

जब राज्यपाल ने उन्हें 28 मार्च को सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहा था तो फिर एक दिन पहले उनकी सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन क्यों लगा दिया गया। श्री रावत ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। कांग्रेस ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन भाजपा की घृणित नीतियों के आगे वह विफल रही। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है तो पहले उसे अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिए। भाजपा के कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर था, जिसके कारण उसे कई मुख्यमंत्री बदलने पड़े। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस के विधायकों को धन का लालच देकर अपने पक्ष में किया है। इससे देवभूमि का अपमान हुआ है और राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा है।

कोई टिप्पणी नहीं: