देहरादून, 06 अप्रैल, राज्य में कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त होने के बाद अब भाजपा विधायक भीमलाल आर्य की सदस्यता पर भी तलवार लटक गई है। भाजपा ने गत 18 मार्च को सदन में विनियोग विधेयक पर मत विभाजन के दौरान पार्टी विधायक आर्य की गैरमौजूदगी को पार्टी के व्हिप का उल्लंघन मानते हुए विधान सभा सचिव से उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की है। इस मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और विधान सभा में भाजपा के सचेतक मदन कौशिक ने विधानसभा सचिव जगदीश चंद केा इस बाबत शिकायत की है। विधान सभा अध्यक्ष ने भीमलाल आर्य को भाजपा की शिकायत पर नोटिस जारी कर सात दिनों के अन्दर जवाब मांगा है ।
घनसाली विधानसभा सीट से भाजपा विधायक आर्य लंबे समय से न सिर्फ अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विरुद्ध बयानबाजी करते रहे हैं, बल्कि निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत की तारीफ में भी अक्सर कसीदे पढ़ते रहे हैं। उनकी इन पार्टी विरोधी गतिविधियों को देख भाजपा प्रदेश संगठन ने उन्हें पार्टी से निलंबित भी कर रखा है लेकिन पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई से भाजपा अबतक बच रही है। भाजपा का मानना है कि 18 मार्च को पार्टी के व्हिप के बाद भी सदन में गैरमौजूद रह कर श्री आर्य ने कांग्रेस को लाभ पहुंचाया हैं।
तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अगले ही दिन विधायक आर्य को इसके पुरस्कार स्वरूप अंबेडकर जयंती समारोह समिति में उपाध्यक्ष पद पर नामित कर दिया। भाजपा ने उन्हें आखिरी मौका देते हुए उनसे जवाब भी मांगा था लेकिन उन्होंने अब तक कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में पार्टी द्वारा उनके विरुद्ध दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।

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