नयी दिल्ली, 25 अप्रैल, उच्चतम न्यायालय ने अाज मुंबई डांस बार मामले पर दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुये कहा कि गुजर बसर करने के लिये भीख मांगने से डांस बार में नाचना बेहतर है। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र पुलिस को एक सप्ताह के भीतर बार मालिकों और वहां काम करने वाले कामगारों को लाइसेंस देना सुनिश्चित करने के लिये भी कहा। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति शिवाकीर्ति सिंह की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, “सड़क पर भीख मांगने या गलत तरीकों से पैसा कमाने से डांस बार में नाचना ज्यादा अच्छा है।”उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह इस संबंध में अदालत की ओर से स्वीकृत शर्ताें और दिशा-निर्देशों का पालन होना सुनिश्चित करे। गत दो मार्च को शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से बार मालिकों को 10 दिन के अंदर लाइसेंस जारी करने के लिये कहा था।
सोमवार, 25 अप्रैल 2016
भीख मांगने से बेहतर है डांस बार में नाचना :उच्चतम न्यायालय
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