नयी दिल्ली, 25 अप्रैल, जवाहर लाल नेहरू विश्विविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने 'देशद्रोह' के आरोपी छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद समेत 14 छात्रों को अनुशासन तोड़ने का दोषी पाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मामले की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने इन सभी छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। जेएनएयू प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार समिति की सिफारिश पर अमल करते हुए उसने कन्हैया कुमार पर दस हजार रुपये का और उमर खालिद तथा आशुतोष पर 20 -20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही अनिर्बान भट्टाचार्य और खालिद को एक सेमेस्टर के लिए जबकि एक अन्य छात्र मुजीब गट्टू को दो समेस्टेर के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इसके साथ ही आशुतोष के विश्वविद्यालय छात्रावास में एक साल तक प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। दो पूर्व छात्रों के विश्वविद्यालय में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कन्हैया के खिलाफ शिकायत करने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के नेता सौरभ शर्मा और उसके साथियों पर भी राष्ट्रविरोधी गतिविधियाें के कारण 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पिछले नौ फरवरी को जेएनयू परिसर में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु पर विवादित कार्यक्रम आयोजित करने के कारण इन छात्रों को अनुशासन तोड़ने का दोषी पाया गया है। इस मामले में जांच के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय समिति ने कुछ दिनों पहले अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी थी ।
मंगलवार, 26 अप्रैल 2016
कन्हैया समेत 14 छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई
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