मुंबई, 25 अप्रैल, महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में वर्ष 2006 में हुये बम विस्फोट मामले में आज मुंबई की एक अदालत ने सबूत के अभाव में सभी आठ आरोपियों को बरी कर दिया। मालेगांव में वर्ष 2006 में हुए विस्फोट में 37 लोग मारे गये थे और 137 से अधिक लोग घायल हो गये थे। इस मामले में गिरफ्तार असीमानंद के बयान के आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इन आरोपियों को बरी करने के लिए याचिका दाखिल की थी। न्यायाधीश वी वी पाटिल की अदालत ने इस मामले में कुल नौ लोगों को बरी किया। एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है। छह आरापी जमानत पर रिहा थे जबकि दो लोगो को मुंबई में 7/11 ट्रेन विस्फोट मामले में सजा सुनायी जा चुकी है। नुरूलहुदहा समसुद दोहा, शब्बीर अहमद माशीउल्लाह, रयीस अहमद रज्जाब अली, सलमान फारसी, फारोघ इकबाल मगदुमी, शेख मोहम्मद अली अालम शेख, आसिफ खान बशीर खान और मोहम्मद जाहिद अब्दुल मजीद को बरी किया गया। राज्य के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने इन सभी नौ लोगों को प्रतिबंधित सिमी का सदस्य होने का आरोप लगा कर गिरफ्तार किया था। आरोपी रईस अहमद ने कहा कि न्याय में काफी विलंब हुआ लेकिन यह बडी बात है कि न्याय मिला। मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव में अाठ सितंबर 2006 को एक मस्जिद के नजदीक बम विस्फोट में 37 लोग मारे गये थे। विस्फोट के बाद एटीएस ने नौ संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में मकोका अदालत ने सभी नौ आरोपियों को नये तथ्य मिलने के बाद जमानत पर छोड़ दिया था। इस मामले की जांच बाद में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को साैंप दी गयी थी लेकिन सीबीआई ने एटीएस जांच का समर्थन किया था।
सोमवार, 25 अप्रैल 2016
मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आठ आरोपी बरी
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