नयी दिल्ली, 03 अप्रैल, पोंजी बचत योजना के जरिये निवेशकों का पैसा हड़पने वाले पर्ल्स समूह के प्रमुख निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। केरल के निवेशकों ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी। केरल के कुछ निवेशकों और पर्ल्स समूह के कर्मचारियों की याचिका पांच अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गयी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सर्वश्री पी बी सुरेश, विपिन नायर और टी. सेन ने गत शुक्रवार को न्यायमूर्ति अनिल आर दवे, न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह और न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की खंडपीठ के समक्ष मामले का विशेष उल्लेख किया था और उससे त्वरित सुनवाई का आग्रह किया था। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए पांच अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है।
इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पर्ल्स समूह से जब्त 5000 करोड़ रुपये की परिसम्पत्तियों से जुड़े दस्तावेज बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमेय बोर्ड (सेबी) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीबीआई ने सेबी को दस्तावेज सौंपना शुरू कर दिया है, ताकि उसके निपटारे से प्राप्त राशि निवेशकों को वापस की जा सके। जांच एजेंसी पर्ल्स समूह से जब्त 79 लक्जरी कारों से संबंधित दस्तावेज भी सेबी को सौंपेगी। जांच एजेंसी ने पर्ल्स के जब्त खाते की 108 करोड़ रुपये की रकम भी सेबी को सौंपने का निर्णय लिया है। भंगू फिलहाल जेल में हैं।

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