सिवान में आरएसएस-बजरंग दल द्वारा फैलाया गया सांप्रदायिक उन्माद : माले - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 16 अप्रैल 2016

सिवान में आरएसएस-बजरंग दल द्वारा फैलाया गया सांप्रदायिक उन्माद : माले

  • प्रशासन ने उलटे मुस्लिमों को दिया दोषी करार, नीतीश का अवसरवादी रूख उजागर
  • माले जांच टीम ने किया घटना स्थल को दौरा, सिवान में शांति मार्च का आयोजन

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पटना 16 अप्रैल 2016, भाकपा-माले के राज्य सचिव काॅ. कुणाल ने कहा है कि  नीतीश कुमार भाजपा से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन उनका यह दावा हमेशा से संदेहास्पद रहा है. रामनवमी के मौके पर सिवान-गोपालगंज सहित बिहार में भाजपाइयों ने जगह-जगह उत्पात मचाने की कोशिश की, इन उत्पातों पर कड़ी निगरानी के संदर्भ में सरकार के प्रयास बिलकुल नगण्य थे. उलटे नीतीश कुमार भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद और मंगल पांडेय के साथ तस्वीरें खिंचवाकर सांप्रदायिक ताकतों को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं. एक तरफ भाजपा से लड़ने का दावा और दूसरी ओर  भाजपा से बढ़ती नजदीकियांे की वास्तविकता को बिहार की जनता बखूबी समझती है और निश्चित रूप से नीतीश कुमार के इस विश्वासघात व ढुलमुल रवैये का जोरदार जवाब देगी.

सिवान व गोपालगंज में आरएसएस व बजरंग दल द्वारा जगह-जगह सांप्रदायिक उन्माद पैदा किया गया, जिसकी वजह से पूरे सिवान शहर में भय का माहौल अब तक बना हुआ है. सिवान सदर के फुलवरिया में रामनवमी के जुलूस के मौके पर आरएसएस व बजरंग दल द्वारा मुस्लिम घरों में आग लगाने व एक महिला जमीला खातून की बर्बर पिटाई की घटना की जांच करने आज माले की उच्चस्तरीय टीम घटना स्थल पर पहुंची. जांच टीम में भाकपा-माले के जिला सचिव काॅ. नईमुद्दीन अंसारी, ऐपवा नेता काॅ. सोहिला गुप्ता व माले नेता काॅ. देवेन्द्र राम शामिल थे.

जांच टीम ने कहा है कि गांव में एक कब्रिस्तान है और उसके बगल में ही काली स्थान है, जिसको लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं. रामनवमी के जुलूस के दौरान कब्रिस्तान में महावीरी झंडा गाड़ दिया गया. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया और महावीरी झंडा उखाड़ दिया. इसके बाद मुस्लिम बस्तियों पर हमले कर दिये गये. जफरूल्लाह, पिता-कुद्दुस अंसारी, अब्बास अंसारी, पिता- लतीफ अंसारी और अली अहमद साईं, पिता-बक्शी साईं के घरों में आब लगा दी गयी. जमीला खातून की इतनी पिटाई की गयी कि उनका सर फट गया. इस घटना के लिए प्रशासन ने उलटे मुस्लिम समुदाय को ही दोषी करार दिया.

प्रशासन का रवैया बेहद नकारात्मक रहा. बजरंग दल के लोगों ने शहर केा बंद कराने और उन्माद पैदा करने की कोशिश की. वहीं माले ने भय के माहौल को तोड़ते हुए शांति मार्च का आयोजन किया. गोपालगंज में श्री राम सेना ने दरगाह के नजदीक से जुलूस निकाला, उस वक्त नमाज का वक्त था. मुस्लिम समुदाय ने इसका विरोध किया और इसको लेकर तनाव बढ़ा. वहीं दूसरी ओर मीरगंज में भी नमाज के वक्त ढोल बजाया गया. बजरंग दल ने करीब आधा दर्जन मोटरसाइकलों में आग लगा दी, फुटपाथ दुकानों को लूट लिया. इसको लेकर बेहद गंभीर तनाव व्याप्त है.

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