- एसकेएमयू के दिग्घी स्थित नये भवन परिसर तक तक बस परिचालन व अन्य मांगों के आलोक में दिन सोमवार को छात्र संयोजक मंडली के तत्वावधान में उगं्र्र छात्रों ने कुलपति के समक्ष काफी हंगामा खड़ा किया तथा कुलपति डा0 कमर अहसन को उनके ही चैंबर में चप्पल की माला पहनाने तथा धक्का-मुक्की की कोशिश की।
- कुलपति के साथ किये गए दुव्र्यवहार की घोर भत्र्सना, विवि बना राजनीति का अखाड़ा
दिन-व-दिन छात्र राजनीति का अखाड़ा व असमाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय का दिग्धी स्थित परिसर। इस विश्वविद्यालय में न तो बिद्यार्थियों को पठन-पाठन से कोई लेना-देना रह गया है और न ही शिक्षकों व विश्वविद्यालय प्रशासन को। समय पर परीक्षा संपादित करने की बात हो, परीक्षा फल प्रकाशन की बात हो, विश्वविद्यालय में सत्र नियमितिकरण की बात हो या फिर आधारभूत संरचनाओं को व्यवस्थित करने की बात। छात्रों व विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तू तू-मैं मै की परिपाटी पिछले कुछ वर्षों से अनवरत जारी है। दिन सोमवार (04 अप्रैल 2016) को दिग्घी स्थित सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के नये भवन परिसर में जो कुछ भी देखने-सुनने को मिला पूरी तरह वह अमर्यादित तो था ही, इस विश्वविद्यालय के इतिहास में इससे पूव्र्र इस तरह की शर्मनाक घटना देखने को नहीं मिली थी। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक पदाधिकारियों को उनके कार्यालय कक्ष में नजरबंद करने, कुलपति का बाॅयकाट करने व हो-हंगामा की घटनाओं से बिल्कुल अलग किसी विश्वविद्यालय के कुलपति को चप्पल की माला पहनाने व उनके साथ धक्का-मुक्क्ी की वारदात इस विश्वविद्यालय के छात्र शिष्टाचार सिलेबस में पहली मर्तबा देखने को मिली है।
ऐसा घृणित प्रयास कर बिद्यार्थियों ने लगातार विकसित हो रही अपनी मानसिकता से अपने अभिभावकों व आम लोगों को पहली मर्तबा परिचित कराने का काम किया। उप राजधानी एसकेएमयू के ओल्ड यूनिवरसिटी स्पाॅट से दिग्घी स्थित नये भवन परिसर (दुमका से तकरीबन 8 कि0मी0 की दूरी) तक बिद्यार्थियों के लिये आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस परिचालन व अन्य मांगों के आलोक में दिन सोमवार को छात्र संयोजक मंडली के तत्वावधान में उगं्र छात्रों ने कुलपति के समक्ष काफी हंगामा खड़ा किया तथा कुलपति डा0 कमर अहसन को उनके ही चैंबर में चप्पल की माला पहनाने तथा धक्का-मुक्की का निंदनीय प्रयास किया। प्रति कुलपति डा0 सत्यनारायण मुंडा व विवि के अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों ने किसी तरह बिद्यार्थियों से कुलपति को सुरक्षित बचाया। इस बीच कई उग्र छात्रों ने कुलपति के टेबुल पर चढ़कर उन्हें गालियाँ दी तथा कुलपति कक्ष से बाहर निकलने को बाध्य कर दिया। विश्वविद्यालय के अपने चैम्बर से गाड़ी पर बैठकर कुलपति अपने आवास की ओर प्रस्थान करने को मुखातिब हुए ही थे कि तभी कई छात्रों ने डंडों से उनकी गाड़ी के सीसे तोड़ डाले तथा उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। कुलपति के ड्राईवर के साथ भी अशोभनीय व्यवहार किया।
---अमरेन्द्र सुमन---
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