दुमका : एसकेएमयू में उग्र छात्रों ने कुलपति के समक्ष हंगामा किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 6 अप्रैल 2016

दुमका : एसकेएमयू में उग्र छात्रों ने कुलपति के समक्ष हंगामा किया


  • एसकेएमयू के दिग्घी स्थित नये भवन परिसर तक तक बस परिचालन व अन्य मांगों के आलोक में दिन सोमवार को छात्र संयोजक मंडली के तत्वावधान में उगं्र्र छात्रों ने कुलपति के समक्ष काफी हंगामा खड़ा किया तथा कुलपति डा0 कमर अहसन को उनके ही चैंबर में चप्पल की माला पहनाने तथा धक्का-मुक्की की कोशिश की।
  • कुलपति के साथ किये गए दुव्र्यवहार की घोर भत्र्सना, विवि बना राजनीति का अखाड़ा

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दिन-व-दिन छात्र राजनीति का अखाड़ा व असमाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय का दिग्धी स्थित परिसर। इस विश्वविद्यालय में न तो बिद्यार्थियों को पठन-पाठन से कोई लेना-देना रह गया है और न ही शिक्षकों व विश्वविद्यालय प्रशासन को। समय पर परीक्षा संपादित करने की बात हो, परीक्षा फल प्रकाशन की बात हो, विश्वविद्यालय में सत्र नियमितिकरण की बात हो या फिर आधारभूत संरचनाओं को व्यवस्थित करने की बात। छात्रों व विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तू तू-मैं मै की परिपाटी पिछले कुछ वर्षों से अनवरत जारी है। दिन सोमवार (04 अप्रैल 2016) को दिग्घी स्थित सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के नये भवन परिसर में जो कुछ भी देखने-सुनने को मिला पूरी तरह वह अमर्यादित तो था ही, इस विश्वविद्यालय के इतिहास में इससे पूव्र्र इस तरह की शर्मनाक घटना देखने को नहीं मिली थी। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक पदाधिकारियों को उनके कार्यालय कक्ष में नजरबंद करने, कुलपति का बाॅयकाट करने व हो-हंगामा की घटनाओं से बिल्कुल अलग किसी विश्वविद्यालय के कुलपति को चप्पल की माला पहनाने व उनके साथ धक्का-मुक्क्ी की वारदात इस विश्वविद्यालय के छात्र शिष्टाचार सिलेबस में पहली मर्तबा देखने को मिली है।

ऐसा घृणित प्रयास कर बिद्यार्थियों ने लगातार विकसित हो रही अपनी मानसिकता से अपने अभिभावकों व आम लोगों को पहली मर्तबा परिचित कराने का काम किया। उप राजधानी एसकेएमयू के ओल्ड यूनिवरसिटी स्पाॅट से दिग्घी स्थित नये भवन परिसर (दुमका से तकरीबन 8 कि0मी0 की दूरी) तक बिद्यार्थियों के लिये आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस परिचालन व अन्य मांगों के आलोक में दिन सोमवार को छात्र संयोजक मंडली के तत्वावधान में उगं्र छात्रों ने कुलपति के समक्ष काफी हंगामा खड़ा किया तथा कुलपति डा0 कमर अहसन को उनके ही चैंबर में चप्पल की माला पहनाने तथा धक्का-मुक्की का निंदनीय प्रयास किया। प्रति कुलपति डा0 सत्यनारायण मुंडा व विवि के अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों ने किसी तरह बिद्यार्थियों से कुलपति को सुरक्षित बचाया। इस बीच कई उग्र छात्रों ने कुलपति के टेबुल पर चढ़कर उन्हें गालियाँ दी तथा कुलपति कक्ष से बाहर निकलने को बाध्य कर दिया। विश्वविद्यालय के अपने चैम्बर से गाड़ी पर बैठकर कुलपति अपने आवास की ओर प्रस्थान करने को मुखातिब हुए ही थे कि तभी कई छात्रों ने डंडों से उनकी गाड़ी के सीसे तोड़ डाले तथा उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। कुलपति के ड्राईवर के साथ भी अशोभनीय  व्यवहार किया।

कुलपति डा0 कमर अहसन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा छात्रों का यह आंदोलन पूर्व नियोजित था। छात्रों की तमाम मांगों पर कार्रवाई की गई थी। जो छात्र घटना के दिन मौजूद थे उनकी मंशा कुछ और ही थी। विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को सूचना दे दी गई थी। कई मर्तबा पत्राचार भी किया गया। राज्यपाल स्तर से भी विवि में सुरक्षा-व्यवस्था के निर्देश दिये गए थे किन्तु विवि में सुरक्षा-व्यवस्था को कोई इंतजाम संबंधित विभाग द्वारा अब तक सुनिश्चित नहीं कराया गया है। कुलपति ने कहा जब विश्वविद्यालय के प्रधान कुलपति, प्रति कुलपति व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी ही सुरक्षित नहीं रहेगें तो फिर छात्राओं को विश्वविद्यालय में उनके लिये निर्मित हाॅस्टल में उन्हें कैसे सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराया जा सकता है ?  विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ छात्रों के इस अभद्र व्यवहार पर वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी डा0 विनोद कुमार झा, डा0 गगन ठाकुर, डा0 अजय कुमार सिन्हा व अन्य ने गहरा क्षोभ प्रकट करते हुए विश्वविद्यालय के लिये इसे काला दिन बताया। कुलपति के साथ घटी इस घटना के बाद दुमका स्थित कुलपति आवास पर कुलसचिव डा0 पी0 के0 घोष, डीएसडब्ल्यू डा0 विनोद कुमार झा, परीक्षा नियंत्रक डा संजीव कुमार सिन्हा, शोध शाखा के प्रभारी डा0 एस0 एल0 बौंडिया, वित्त पदाधिकारी डा0 काशीनाथ झा, सहायक कुलसचिव राज कुमार झा व इग्निशियस मरांडी की मौजूदगी में कुलपति ने बैठक आहुत की। घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया तथा सूचना के बावजूद विवि परिसर में देर से पुलिस के पहुँचने पर क्षोभ प्रकट किया गया। विदित हो वर्ष 1992 में स्थापित सिदो कान्हु मुर्मू विवि एसपी महाविद्यायल के बिल्डिंग में ही 25 जनवरी 2016 तक संचालित था। दुमका से तकरीबन 8-10 कि0मी0 की दूरी पर दिग्घी में करोड़ों रुपये की लागत इस विश्वविद्यायल की नयी बिल्डिंगें बनी और विश्वविद्यालय का कार्य 26 जनवरी 2016 से विवि के नये भवन परिसर में ही संचालित होने लगा।





---अमरेन्द्र सुमन---

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