पटना 25 अप्रैल, बिहार भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने आज कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्तारूढ महागठबंधन के घटक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव आग लगने पर सरकार को कुआं खोदने का सुझाव दे रहे हैं। भाजपा विधान मंडल दल के नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पूरे प्रदेश में जहां पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है वहीं अब तक अगलगी के कहर से हजारों घर स्वाहा हो चुके हैं। राज्य सरकार ने जहां गर्मी शुरू होने के पहले ही चापाकल (हैडपम्प )योजना बंद कर दी वहीं अगलगी से निपटने की भी कोई कारगर व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने कहा कि अगलगी के पीड़ितों को घोषित सहायता भी नहीं दिए जा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि प्रदेश में पेयजल संकट चरम पर है और पांच प्रतिशत घरों में भी पाइप से जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं है। इसके बाद भी सरकार ने पाइप से जलापूर्ति के नाम पर पहले से चल रही चापाकल योजना पहली फरवरी से ही बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि आधे से ज्यादा चापाकल खराब पड़ा हैं।
पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण जलापूर्ति योजना पूरी से फेल हो गयी है। अब जब अगलगी से कोहराम और पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है तो सरकार के स्वयंभू सलाहकार बने राजद अध्यक्ष श्री यादव कुआं खोदने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लोगों के साथ मजाक नहीं तो और क्या है । श्री मोदी ने कहा कि कोई भी दिन ऐसा नहीं गुजरता जब प्रदेश के किसी न किसी हिस्से में सौ से दो सौ घरों में आग नहीं लगती। अभी तक 50 से अधिक लोगों की जानें अगलगी में जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इसी तरह हजारों एकड़ में लगी फसलों के अलावा करोड़ों रुपये की परिसम्पतियां जल चुकी हैं। हजारों परिवार बेघर होकर इस तपती गर्मी में खुले में रहने को विवश है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अगलगी पीडि़त परिवारों को सरकार की ओर से घोषित खाद्यान्न समेत अन्य अनुदान नहीं दिया जा रहा है। थाने के स्तर पर आग बुझाने की छोटी गाड़ी की कहीं कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार तत्काल अगलगी से निपटने के लिए हर थाने में दमकल की छोटी गाड़ियों की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि खराब पड़े चापाकलों की मरम्मति करायें और हर घर में पाइप से जलापूर्ति होने तक चापाकल लगाने की योजना फिर से शुरू करें। इसी तरह अगलगी पीडि़त परिवारों को पारदर्शी तरीके से निर्धारित सहायता के साथ ही अनुदान भी दिया जाये ।

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