पटना 29 जुलाई, बिहार की पांच प्रमुख नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही घनघोर वर्षा से राज्य के दस जिलों के 21 लाख 99 हजार लोग जहां बाढ़ की चपेट में है वहीं अब तक बाढ़ के पानी में डूबने से 26 लोगों की मौत हुयी है। आपदा प्रबंधन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि भारी वर्षा के कारण उत्तर बिहार के दस जिलों में स्थिति गंभीर हो गयी है । बाढ़ से पूर्णियां , किशनगंज , अररिया , दरभंगा , मधेपुरा , भागलपुर , कटिहार , सहरसा , सुपौल और गोपालगंज जिले के 49 प्रखंडों के 1789 गांव के 21 लाख 99 हजार लोग प्रभावित हुए है । प्रभावित इलाकों में अब तक पानी में डूबकर 26 लोगों की मौत हुयी है । सूत्रों ने बताया कि बाढ़ के पानी में डूबने से अररिया एवं सहरसा में एक-एक , सुपौल में 08 , पूर्णियां सात , किशनगंज में पांच तथा कटिहार एवं मधेपुरा जिले में दो-दो लोगों की मौत हुयी है । इसी तरह बाढ़ के पानी में दो पशुओं की डूबकर जहां मौत हुयी है वहीं 0. 90 लाख हेक्टेयर में लगे फसल के नष्ट होने का अनुमान है । बाढ़ के कारण 4639 झोपड़ियां समेत अन्य मकान क्षतिग्रस्त हुआ है ।
विभाग के सूत्रों ने बताया कि बाढ़ को देखते हुए सुपौल , गोपालगंज , मुजफ्फरपुर , दरभंगा एवं पटना के दीदारगंज में जहां राष्ट्रीय आपदा त्वरित बल की एक-एक टीम की तैनाती की गयी थी वहीं खगड़िया , सीतामढ़ी , पूर्णियां , भागलपुर , मधुबनी और मधेपुरा में राज्य आपदा त्वरित बल की एक -एक टीम को रखा गया है । बाढ़ प्रभावित अररिया जिले में राहत एवं बचाव कार्य के लिये सुपौल से त्वरित कार्य बल 20 जवानों को भेजा गया है । इसके अलावा त्वरित कार्य बल एक विशेष टीम को भेजा गया है । इसी तरह अररिया में भोजपुर एवं बक्सर जिले से भेजे गये 25-25 सरकारी देशी नौका को राहत कार्य में लगाया गया है । सूत्रों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित पूर्णियां जिले में राज्य आपदा त्वरित बल की एक टीम पहले से ही मौजूद है । दरभंगा जिले के प्रभावित इलाकों में राज्य आपदा त्वरित बल की एक टीम पहले से ही मुस्तैद है जो राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुयी है । इसी तरह बल की एक टीम को कटिहार जिले के प्रभावित इलाकों में लगाया गया है । विभाग के सूत्रों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में सूखा खाद्य सामग्री पीड़ितों के बीच दी जा रही है । इसी तरह आवश्यक उपभोक्ता सामग्रियों का भी वितरण किया जा रहा है । लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिये प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से अधिकारियों की तैनाती की गयी है ।
जल संसाधन विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी मुख्य अभियंताओं को अपने -अपने परिक्षेत्र के अभियंताओं से स्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया है । साथ ही तटबंधों पर सघन गश्ती और चौकसी बरतने को कहा है । तटबंधों को हर स्थिति में सुरक्षित रखने के लिये संबंधित स्थानीय प्रशासन से लगातार सम्पर्क में रहने का निर्देश दिया गया है । इसबीच केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा साहेबगंज एवं फरक्का में खतरे के निशान से क्रमश: 04 एवं 65 , बागमती बेनीबाद में 62 , अधवारा समूह कमतौल में 0.4 , कोसी बालतारा एवं कुरसेला में क्रमश: 146 एवं 06 तथा महानंदा नदी ढेंगरा घाट एवं झावा में क्रमश: 11 9 तथा 144 सेंटीमीटर उपर है। इन नदियों के जलस्तर में कल तक कुछ और स्थानों पर वृद्धि होने की संभावना है । मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के अपने पूर्वानुमान में कहा है कि बिहार की सभी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों हल्की वर्षा होने की संभावना है ।

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