पटना 27 जुलाई, जन अधिकार पार्टी (लो) के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राज्य में शिक्षा की बदहाल स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेवार ठहराया और कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था माफियाओं के चंगुल में फंस गयी है।
श्री यादव ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य के शिक्षण संस्थान घोटालों के केंद्र बन गये हैं और छात्र-छात्राओं का आर्थिक दोहन कर रहे हैं। तकनीकी शिक्षण संस्थानों में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक और फैकल्टी की नियुक्ति की जा रही है। जांच के दौरान ऐसे मामलों का बड़ी संख्या में खुलासा हो रहा है। वित्तरहित शिक्षा नीति और परिणाम आधारित अनुदान की आड़ में अरबों का घोटाला हो रहा है।
सांसद ने कहा कि शिक्षा शोषण का एक माध्यम बन गयी है। पूंजीपति छात्रों का आर्थिक दोहन कर रहे हैं। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में दलितों, पिछडों, अतिपिछड़ों के लिए शिक्षा का अनुकूल माहौल नहीं है। तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में इनका पर्याप्त नामांकन नहीं होता है और जिनका नामांकन होता है, वे भी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईटी) में पढ़ाई के लिए प्रति छात्र लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन बहुत कम छात्र देश में अपनी सेवा देते हैं।
श्री यादव ने कहा कि गलत शिक्षा नीति और रोजगार के सीमित होते अवसर के कारण युवाओं में आत्महत्या की प्रवृति बढ़ रही है। यह देश के लिए खतरनाक संकेत है और सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन अधिकार पार्टी (लो) समान शिक्षा और सबके लिए शिक्षा के लिए व्यापक जन अभियान चलाएगी। निजी शिक्षण संस्थानों के आर्थिक शोषण का विरोध करेगी।

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