पटना 27 जुलाई, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज राज्य की नीतीश सरकार पर दलितों और आदिवासियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया । श्री मोदी ने यहां कहा कि व्याख्याता से लेकर न्यायिक सेवाओं की नियुक्ति और मैट्रिक बाद मिलने वाली छात्रवृति तक में राज्य सरकार दलितों और आदिवासियों की उपेक्षा कर रही है। एक ओर मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश जाकर न्यायिक सेवाओं में आरक्षण की वकालत करते हैं जबकि दूसरी ओर बिहार में 29 वीं बैच की न्यायिक सेवाओं के लिए आरक्षण कोटि एवं रिक्तियों का उल्लेख किए बिना विज्ञापन निकाला गया है।
श्री मोदी ने कहाकि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा सरकारी प्रशिक्षण महाविद्यालयों में व्याख्याताओं की नियुक्ति के लिए निकाले गए विज्ञापन में एससी और एसटी अभ्यर्थियों को शैक्षिक अहर्ता में मिलने वाली 5 प्रतिशत की छूट से जानबूझ कर वंचित किया गया है। उन्होंने कहा कि बीपीएससी द्वारा सरकारी प्रशिक्षण महाविद्यालयों में व्याख्याताअें के 478 पदों पर नियुक्ति के लिए निकले गए विज्ञापन में शैक्षिक अहर्ता के तौर पर पीजी और एम-एड में 55-55 प्रतिशत अंक की मांग की गई है।

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