पटना 28 जुलाई, बिहार के सासाराम :सु: से भारतीय जनता पार्टी :भाजपा: के सांसद छेदी पासवान की लोकसभा की सदस्यता आज पटना उच्च न्यायालय ने रद्द कर दी । न्यायाधीश के0 के0 मंडल ने गंगा मिश्र की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद श्री पासवान की लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी । श्री पासवान पर लोकसभा चुनाव के दौरान नामांकन के समय दिये गये हलफनामे में अपने उपर दर्ज आपराधिक मुकदमे की जानकारी छिपाने का आरोप है । इससे पूर्व अदालत में श्री मिश्र के अधिवक्ता ने कहा कि उम्मीदवार की आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंधित जानकारी के खुलासे के लिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में 2002 में 33 'ए' का प्रावधान है । इसके तहत उम्मीदवारों को अपने उपर दर्ज आपराधिक मुकदमों की जानकारी देना अनिवार्य है लेकिन श्री पासवान ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नामांकन पत्र भरते समय दिये गये हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि श्री पासवान का निर्वाचन इस आधार पर रद्द किया जाना चाहिए । अदालत ने इस दलील को स्वीकार कर लिया और श्री पासवान की लोकसभा की सदस्यता रद्द करने का फैसला सुना दिया ।
अदालत के इस फैसले के बाद श्री पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ आपराधिक नहीं बल्कि जनहित के मामले में केस दर्ज हुआ था । दरअसल वर्ष 2006 में दुर्गावती परियोजना को लेकर वह धरना पर बैठे थे और इसी मामले में उनपर केस दर्ज हुआ था। एक नेता जनहित के मामले में धरना प्रदर्शन नहीं करेगा तो क्या करेगा। उन्होंने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ वह सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेंगे । गौरतलब है कि श्री पासवान तीसरी बार संसद के सदस्य बने थे । पिछले लोकसभा चुनाव के ठीक पहले वह जनता दल यूनाइटेड :जदयू: से भाजपा में शामिल हो गये थे और तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को हरा कर संसद में पहुंचे थे। श्री पासवान 1985 में पहली बार चेनारी :सु: से लोकदल के टिकट पर विधायक चुने गए थे । इसके बाद वर्ष 1989 और 1991 में जनता दल के टिकट पर लगातार दो बार जीत कर संसद पहुंचे। 1996 में वह भाजपा के मुन्नीलाल से चुनाव हार गए। वर्ष 2000 में वह राष्ट्रीय जनता दल :राजद: के टिकट पर चेनारी :सु: सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे । इसके बाद वर्ष 2005 के फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में वह जदयू के टिकट पर किस्मत आजमाने उतरे लेकिन उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा । खंडित जनादेश के बाद विधान सभा को भंग कर जब नवम्बर में फिर से चुनाव कराया तब श्री पासवान ने बाहुबली विधायक सुरेश पासी को हरा दिया । श्री पासवान वर्ष 2000 से 2004 के बीच राबड़ी देवी सरकार और वर्ष 2008 से 2010 से बीच नीतीश सरकार में मंत्री थे।

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