राँची,04 जुलाई, झारखंड की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने वित्तीय वर्ष 2016-17 की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों को निर्देश दिया है कि राज्य के विकास के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं के विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर तेजी से कार्य करें। श्रीमती वर्मा ने आज यहां कहा कि कोई भी जिला नये समाहरणालय भवन से वंचित न रहे तथा नवसृजित अनुमंडलों के कार्यालय के भवन निर्माण को प्राथमिकता के आधार बनाया जाये। बैठक में उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली पेयजलापूर्ति योजनाओं को सौर ऊर्जा आधारित बनाया जाय। साथ ही योजनाओं को धरातल पर उतारने के पूर्व यह सुनिश्चित करें कि जहां योजना का अधिष्ठापन किया जा रहा है,वहां प्रचुर मात्रा में सौर ऊर्जा उपलब्ध हो। विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि 19 प्रखंड मुख्यालयों में पाइप पेय जलापूर्ति योजना का क्रियान्वयन किया जाना है जिसमें से पांच प्रखंडों में काम शुरू किया जा चुका है तथा 11 योजनाओं का डीपीआर तैयार हो रहा है जबकि दो का सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया कि आदिम जनजाति के स्वास्थ्य पैकेज योजना को लागू करने के लिए तीव्र गति से कार्रवाई करें ताकि दूर दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने निदेश दिया कि जहां- जहां मेडिकल काॅलेज का निर्माण प्रस्तावित है, उससे संबंधित कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की जाये तथा संबंधित विभाग भारत सरकार के साथ सामंजस्य स्थापित करना सुनिश्चित करें।
श्रीमती वर्मा ने विभाग द्वारा प्रस्तावित अस्पतालों के निर्माण के आलोक में निदेश दिया कि राज्य में जितने भी अस्पताल का निर्माण होना है, उसका एक संयुक्त पैकेज बनाये ताकि एक विशेष माॅडल के रूप में अस्पताल बन सकें। पैलियेटीव केयर की सुविधा राज्य में शुरू करने के संदर्भ में निर्देश दिया गया कि बुजुर्गाें को उनके घर में नर्सिंग सेवा उपलब्ध कराने हेतु एनजीओ के सदस्यों को प्रशिक्षित करने के लिये कौशल विकास कार्यक्रम के साथ जोड़ा जाये। मुख्य सचिव ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग को निर्देश दिया कि धान अधिप्राप्ति हेतु पूर्ण कार्ययोजना तैयार करें तथा पैक्स और एनजीओ को जोड़े। उन्होंने कहा कि मिलों की क्षमता कितनी है, कितना उत्पादन हो रहा है उसकी रूपरेखा तैयार करें तथा गमन करने वाले मिलों को ब्लैक लिस्टेड करें। उन्होंने कहा कि राज्य को कुपोषण मुक्त बनाने के लिये सीडीपीओ के प्रशिक्षण पर जोर दिया। उन्होंने भवन निर्माण विभाग की समीक्षा में राजधानी में आवासीय समस्या के निराकरण के लिए स्थल चयन कर आवासीय परिसर निर्माण करने के निर्देश दिये साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु विशेष निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि भैरवी में हैंगिग ब्रीज का कार्य पथ निर्माण विभाग द्वारा करवाया जाये तथा बड़ा तालाब में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अधिष्ठापन हेतु अभिव्यक्ति की पसंद के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि केपीएमजी की समीक्षा करें तथा पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इससे जोड़ें।
गृह विभाग की समीक्षा में श्रीमती वर्मा ने कहा कि रांची में सीसीटीवी सर्विलांस का डीपीआर तैयार किया गया है साथ ही विभाग जमशेदपुर, धनबाद आदि शहरों में भी सीसीटीवी सर्विलांस अधिष्ठापित करने की योजना पर कार्य करें। बैठक में निदेश दिया गया कि नक्सल प्रभावित जिलों में नये स्मार्ट थानों का निर्माण किया जाय। बैठक में विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव अमित खरे में जानकारी दी कि विभिन्न विभागों द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 में जून माह तक 15.06 प्रतिशत राशि का व्यय किया गया है जो वित्तीय वर्ष 2015-16 (9.07 प्रतिशत) की तुलना में अधिक है। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव ए.पी. सिंह, प्रधान सचिव समाज कल्याण विभाग एम.एस. भाटिया, आईजी आर. के. मल्लिक, सचिव पथ निर्माण विभाग एम. आर. मीणा, सचिव भवन निर्माण विभाग के के. सोन, सचिव खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग विनय कुमार चैबे सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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