भाकपा ने भाजपा विधायक द्वारा छेड़खानी की निंदा की - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 28 जुलाई 2016

भाकपा ने भाजपा विधायक द्वारा छेड़खानी की निंदा की

cpi logo
पटना,  25 जुलाई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के विधान पार्षद टुन्ना पांडेय द्वारा ट्रेन में एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़खानी की घटना की घोर निंदा की है। आज जहां जारी अपने बयान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव का॰ सत्य नारायण सिंह, पूर्व विधायक ने कहा है कि भाजपा विधान पार्षद टुन्ना पाण्डेय ने नावालिग लड़की के साथ छेड़खानी उस समय की जब वह लड़की ट्रेन में ए.सी. बोगी में अपने वर्थ पर सोयी हुई थी। टुन्ना पाण्डेय भी उसी बोगी में सफर कर रहे थे। एक जनप्रतिनिधि के द्वारा किया जानेवाला ऐसा कुकृत्य बेहद शर्मनाक और अक्षम्य अपराध है। भारत के शीर्ष सत्ता पर बैठे और सुचिता तथा अस्मिता की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी का चेहरा इस कुकृत्य ने एक बार और बेनकाब कर दिया हैं। इस घटना से यह बात भी साफ हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी कैसे नेताओं की जमात है। विधान पार्षद टुन्ना पाण्डेय के इस कुकृत्य ने भाजपा का आपराधिक चेहरा तो बेनकाब किया ही हैं, साथ ही साथ नरेन्द्र मोदी सरकार के रेल मंत्रालय की ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था को भी बेपर्द कर दिया है। 

श्री सिंह ने अपने बयान में कहा है कि सत्ताधारी दल, चाहे वे केन्द्र की सत्ता में हो या राज्य की सत्ता में उनके नेताओं के द्वारा किए जानेवाले ऐसे कुकृत्य जिसमें महिला, अल्पसंख्यक, दलित और समाज के कमजोर तबकों को निषाना बनाया जाता है किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक और अतिनिन्दनीय कृत है। भारतीय कम्युयनिस्ट पार्टी ने टुन्ना पाण्डेय सहित ऐसे कुकृत्य करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कठोर कार्रवायी करने तथा संबंधित सदन से उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।  

कोई टिप्पणी नहीं: