बिहार : अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ की बैठक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 28 जुलाई 2016

बिहार : अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ की बैठक

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पटना। अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ के अध्यक्ष एम्ब्रोस पैट्रिक की अध्यक्षता में बैठक की गयी। इस आवश्यक बैठक में मौजूद सदस्यों ने सूबे के बिहारी ईसाई समुदाय की भागीदारी अल्पसंख्यक कार्यक्रमों तथा सरकार में नगण्य भागीदारी को लेकर दुःख जताया। आज भी ईसाई समुदाय हाशिए पर हैं। आठ माह से वेतन से महरूमः पश्चिमी चम्पारण में है बेतिया क्रिश्चियन क्र्वाटर। बेतिया में ही है संत टेरेसा बालिका उच्च विद्यालय। बिहार सरकार के द्वारा संत टेरेसा बालिका उच्च विद्यालय को अंगीकृत की गयी है। अल्पसंख्यक हितैषी सरकार के द्वारा अल्पसंख्यक स्कूलों में आठ माह से वेतनादि नहीं देने की सूचना है। इसको लेकर शिक्षक और गैर शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। सूबे के शिक्षा मंत्री डाॅ0 अशोक चैधरी से आग्रह किया गया है कि जल्द से जल्द अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षक और गैर शिक्षकों को अवरूद्ध वेतनमान निर्गत करें।  धर्मगुरूओं के प्रति मर्यादित ढंग से शब्दों का चयन होः ईसाई कल्याण संघ के सदस्य रंजित कुमार ने कहा कि एक पत्रिका में अभद्र तरीके से यह समाचार प्रकाशित किया गया है कि सरकार ने पादरियों को शराब बनाने तथा इस्तेमाल करने का लाइसेंस दे रखा है। गंभीर मुद्दा पर महासचिव एस.के.लॉरेंस ने कहा कि मीडिया, राजनैतिक पार्टियों तथा ईसाई धर्म से बैर या घृणा रखने वालों से यह आग्रह कर दिये। साथ में यह बताने का प्रयास किया कि किसी धार्मिक कार्यक्रम के दौरान आवश्यक रूप से इस्तेमाल होने वाली सामग्री के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे सम्बंधित धर्म, समुदाय एवं धर्मगुरुओं की प्रतिष्ठा मर्माहत होती है तथा खुद को अपमानित भी महसूस करते हैं।

दाखरस का उपयोग होता है पवित्र धार्मिक अनुष्ठान के समयः ईसा काल से ही धार्मिक अनुष्ठान का उपयोग होता है। अंगूर और गुलाब की पंखुरियों से विशेष तौर से तैयार किया जाता है। इसे ईसाई समुदाय सांक्रामेंटल वाइन कहते है। पवित्र धार्मिक अनुष्ठान के समय पुरोहित परमप्रसाद और दाखरस को चढ़ाते हैं जो प्रभु येसु ख्रीस्त के परमप्रसाद देह और दाखरस लहू के रूप में तब्दील हो जाता है।यह लोकआस्था है। जिसे ईसाई समुदाय भक्तिभाव से ग्रहण करते हैं। पुरोहित परमप्रसाद को दाखरस में डूबाकर श्रद्धालु को देते समय कहते हैं‘ख्रीस्त का शरीर और रक्त’। इसके बाद ग्रहण करने वाले श्रद्धालु ‘आमेन’कहते हैं। भू-गर्म नाला निर्माण से परेशान होते हैं लोगः दीघा विधान सभा के विधायक संजीव चैरसिया के फंड से शिवाजी नगर, मखदुमपुर,दीघा में भू-गर्भ नाला निर्माण किया जा रहा है।अभी तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। टीचर्स एन्क्लेव कालोनी के पास पाईप बिछाने का अधूरा कार्य करके छोड़ दिया गया है,जिसके कारण रोड की दुर्दशा खराब है।बारिश होने के बाद रोड पर चलना मुश्किल हो जाता है। फिसलन के कारण कई लोग गिरकर हाथ-पैर तोड़वा लेते हैं।  

बीजेपी के सांसद और जदयू के वार्ड कौसिंलर के बीच में द्वदः न्यू पाटलिपुत्र काॅलोनी से आये सदस्य मुकूल अन्थोनी ने बताया कि सरकार के सम्बंधित विभाग से बारम्बार अनुरोध करने के बावजूद भी अभी तक मुख्य सड़क चर्च रोड न.1, न्यू पाटलिपुत्र वाला रोड नहीं बनाया गया है।जबकि अभी हांल में ही पास के गली में खास रसूख रखने वालों का रोड बना दिया गया है। इस तरह की नाइंसाफी से लोग हलकान हैं। इस समस्या को लेकर लोगों ने पीएचईडी विभाग तथा सूबे के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को पत्र लिखा गया है ताकि इसमें सहयोग कर सकें। बीजेपी क सांसद शत्रुध्न सिंहा ने रोड निर्माण करने की राशि दी है। वहीं क्षेत्र के वार्ड कौसिंलर ने अड़गा लगाया कि सरकारी प्रावधान के अनुसार सड़क निर्माण करने के पूर्व नाला निर्माण हो। इसके कारण न रोड और न ही नाला निर्माण हो सका। इसके अलावे ईसाई समुदाय को जेरूसलम की तीर्थ यात्रा के लिए अनुदान प्रदान करने का आग्रह किया गया है। आवश्यकतानुसार कब्रिस्तानों की घेराबंदी(विशेषकर कुर्जी स्थित कब्रिस्तान की चाहरदीवारी को ऊँचा करने,सब्जीबाग बांकीपुर,पटना के कब्रिस्तान को बांकीपुर चर्च के अधीन करने की मांग की गयी।ईसाई समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए अलग से सेल की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया। बिहार के सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, वहां समुचित लाईट की ब्यवस्था तथा सीसीटीवी लगाने का आग्रह भी किया गया है। जरूरतमंद युवा-युवतियों को व्यवसाय या शिक्षा हेतु लोन या मदद की ब्यवस्था करने और जरूरतमंद बुजुर्गों को निःशुल्क चिकित्सा उपलब्ध करवाने की मांग की गयी है। बिहार विधान सभा,बिहार विधान परिषद,अल्पसंख्यक आयोग के अलावे अन्य विभिन्न आयोग,कमिटी,निगम आदि में ईसाई समुदाय को मनोनीत हो। खासकर महिला संबंधी विभागों में ईसाई महिलाओं को मनोनीत करने का कष्ट किया जाये। अल्पसंख्यक मुस्लिमों की तरह ही ईसाई समुदाय को भी विभिन्न जगहों में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान किया जाये। कई मांगों की पूर्ति के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है। एस.सी./एस.टी.आयोग या विभाग में ईसाई एस.सी/एस.टी.ईसाई  के मनोनयन की मांग की गयी।।संस्था तथा ईसाई समुदाय ने माननीय मुख्य मंत्री जी में यह विश्वास जताया है कि वे उनके पूर्व की मांगों को अवश्य पूरा करेंगे।

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