उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरगर्मियां बढ़नी लाजिमी हैं। लेकिन इस बार हथियार बना है पोस्टर। कभी दबंग तो कभी कृष्ण अवतार, कुल मिलाकर मतलब ये कि सत्ता सुख के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। इसी श्रंखला में इलाहाबाद में एक पोस्टर लोगों के बीच सुर्खियां बनने लगा है। दरअसल कांग्रेसियों ने इस पोस्टर के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमाम दावों पर हमला बोला है। पेश है ये रिपोर्ट-
वायदों से मुकरने का लगाया आरोप
इलाहाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह लगाए गए पोस्टरों के जरिये पीएम मोदी और उनकी सरकार पर लोकसभा चुनावों के दौरान जनता से किये गए वायदों से मुकरने का आरोप लगाया है। पोस्टर में मोदी सरकार पर व्यंग्य करते हुए लिखा गया है कि मोदी सरकार द्वारा प्रायोजित जिस अच्छे दिन एक्सप्रेस ट्रेन का देश के लोगों को बेसब्री से इंतजार है, वह जुमलेबाजी में फंस गई है और अब नहीं आएगी।
असुविधा के लिए खेद ''नहीं'' है !
मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा गया है कि जुमलेबाजी में फंसी अच्छे दिन एक्सप्रेस ट्रेन के न आने की वजह से जनता को होने वाली असुविधा के लिए कोई अफसोस भी नहीं है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ये पोस्टर इलाहाबाद शहर कांग्रेस कमेटी के महासचिव इरशाद उल्ला व अन्य लोगों की तरफ से लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में एक ट्रेन की तस्वीर के साथ लिखा गया है, "प्लेटफार्म नंबर एक पर आने वाली अच्छे दिन एक्सप्रेस जो काला धन सस्ती दाल, सस्ते खाने-पीने का सामान।
ट्रेन का मार्ग जुमले स्टेशन की तरफ
साथ ही पोस्टर में लिखा गया है कि पाकिस्तानी सेना के शव, चाइना से ज़मीन, एक रुपया-एक डॉलर का भाव, भय-भूख, भ्रष्टाचार और बलात्कार मुक्त भारत, बिजली-पानी-मकान-रोजगार लेकर 100 दिनों में पहुंचने वाली थी अब नहीं आएगी। अब इस ट्रेन का मार्ग जुमले स्टेशन की तरफ कर दिया गया है। इस ट्रेन की खबर अब आपको 2019 में दी जाएगी, तब तक कृप्या नमो-नमो जाप जारी रखें।
पोस्टर की सियासत में लोगों के जहन में कई सवाल...
सियासत की खातिर पोस्टर युद्ध....कोई बड़ी बात नहीं। इससे भी बड़े युद्ध हो जाते हैं। दयाशंकर बनाम बसपा के युद्ध में आप देख भी चुके हैं। सवाल ये है कि क्या पार्टियों के पास जनता को लुभाने के लिए कोई मुद्दा शेष नहीं रह गया है। जो इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। क्या सारे शिगूफे खत्म हो गए। या लोगों ने अब किसी भी बात पर विश्वास करना छोड़ दिया है। बहरहाल संग्राम शुरू हुआ है जो चुनावी नतीजों तक जारी रहेगा।

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