नयी दिल्ली, 09 अगस्त, केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में आज कहा कि माअोवादी हिंसा में जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों एवं नागरिकों दोनों के लिये सरकार से मिलने वाले मुआवजे की राशि बढ़ायी जायेगी। लोकसभा में प्रश्नकाल में माओवादी हिंसा से मारे गये सुरक्षाकर्मियों एवं नागरिकाें को मिलने वाले मुआवजे में अंतर पर ऐतराज जताये जाने पर श्री सिंह ने कहा कि इस बारे में एक नोट तैयार किया गया है और उसे केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जायेगा। इसमें माओवादी हिंसा में जान गंवाने वाले सुरक्षा कर्मियों और नागरिकों दोनों के लिये मुआवजा की राशि में पर्याप्त वृद्धि किये जाने का प्रस्ताव है। इससे पहले गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि माअोवादी हिंसा से ग्रस्त इलाकाें में तैनात सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की होती है। लिहाजा उनके शहीद होने या अपंग होने पर सहायता देना केन्द्र की जिम्मेदारी है। केन्द्र सरकार शहीद सुरक्षाकर्मियों के परिजनों को 15 लाख रुपये का मुआवजा देती है जिसमें बीमा की दस लाख रुपये की राशि शामिल होती है। श्री अहीर ने कहा कि नागरिकों को मुआवजा राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है हालांकि केन्द्र सरकार उन्हें एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि एवं तीन लाख रुपये का अनुदान देती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में 25 लाख रुपये, छत्तीसगढ़ में 15 लाख रुपये, ओडिशा में 10 लाख रुपये और तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश में 30-40 लाख रुपये दिये जाते हैं। इससे पहले एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री अहीर ने इस बात से इन्कार किया कि पूर्वोत्तर में सक्रिय उग्रवादी समूहों को पड़ोसी देशों बंगलादेश और म्यांमार से वित्तीय एवं अन्य प्रकार की मदद मिल रही है। उन्होेंने कहा कि सरकारी खुफिया एजेंसियों से एेसी कोई सूचना नहीं मिली है कि उग्रवादी समूहों को पड़ोसी देशों से मदद मिल रही है। उन्होेंने यह जरूर स्वीकार किया कि उग्रवादी समूहों के पड़ोसी देशों में शिविर मौजूद हैं और सरकार उन देशों के सहयोग से उन्हें नष्ट करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी देशों ने भारत के साथ पूरा सहयोग किया है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने माना कि उग्रवादी समूहों के साथ मुठभेड़ में उग्रवादियों के पास से चीन निर्मित हथियार बरामद हुए हैं।
मंगलवार, 9 अगस्त 2016
नक्सली हिंसा में जान गंवाने वालों के लिये बढ़ेगा मुआवजा : राजनाथ
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