भागलपुर 31 जुलाई, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम :एनटीपीसी: की कोयला आधारित कहलगांव बिजली संयंत्र की बंद पड़ी 500 मेगावाट की क्षमता वाली पांचवी इकाई के चालू हो जाने से संयंत्र की क्षमता बढ़कर करीब 2300 मेगावाट हो गयी है। कहलगांव बिजली संयंत्र के समूह महाप्रबंधक राकेश सैमुअल ने आज यहां ..यूनीवार्ता.. से विशेष बातचीत में कहा कि मानूसन के बावजूद मौसूदा समय में 2340 मेगावाट क्षमता वाली इस बिजली संयंत्र के 210 मेगावाट की चार और 500 मेगावाट की तीन इकाइयों के द्वारा विद्युत का उत्पादन निर्बाध रूप से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन सप्ताह पूर्व वार्षिक रखखराब के कारण पांच सौ मेगावाट की एक इकाई को बंद कर दिया गया था जो आज से चालू हो गया है। संयंत्र से उत्पादित बिजली की आपूर्ति निर्धारित कोटे के तहत बिहार समेत देश के उत्तर ,दक्षिणी और पूर्वोत्तर ग्रिडों में की जा रही है। श्री सैमुअल ने बताया कि मानसून के आने से पूर्व संयंत्र के सभी सातों इकाईयों के नियमित परिचालन के लिए ईस्टन कोल फील्ड की राजमहल परियोजना से मिलने वाली कोयले का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है और अभी करीब 28 लाख मीट्रिक टन कोयला यहां मौजूद है । उन्होंने बताया कि पटना के निकट अवस्थित निगम की बाढ़ विद्युत संयंत्र के लिए भी यहां से ईसीएल उत्पादित कोयला की रैक रेलवे के जरिए भेजी जा रही है । एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि इस बिजली संयंत्र की गंभीर समस्या बनी उत्सर्जित राख की आपूर्ति असम ,पश्चिम बंगाल आदि राज्यों के सीमेंट कारखानों को की जा रही है । उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में समस्या का समाधान हो जायेगा क्योकि इस संयंत्र के राख संग्रहण स्थल के विस्तारीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है ।
सोमवार, 1 अगस्त 2016
एनटीपीसी कहलगांव की बंद पड़ी पांचवी इकाई से उत्पादन शुरू
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