मिथुन चक्रवर्ती को प्रेरणाश्रोत मानते हैं दीपांकर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 21 नवंबर 2016

मिथुन चक्रवर्ती को प्रेरणाश्रोत मानते हैं दीपांकर

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पटना 21 नवंबर, वा संपादक दीपांकर सरकार ने कहा कि वह डांसिंग स्टार मिथुन चक्रवर्ती को प्रेरणाश्रोत मानते हैं और और उनकी फिल्में देखकर ही उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आने की प्रेरणा मिली । बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड एवं कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार द्वारा 15 नवंबर से आयोजित छह दिवसीय क्षेत्रीय फिल्‍म फेस्टिवल 2016 में शिरकत करने पहुंचे दीपांकर ने यूनीवार्ता से विशेष बातचीत में बताया कि वह मिथुन चक्रवर्ती की फिल्में देखकर बड़े हुये हैं। डिस्को डांसर और डांस डांस जैसी कई फिल्मों में मिथुन दा ने बेहरतीन डांस किया। उन्होंने कहा “डांस के मामले में मिथुन हमारी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। वह जो भी करते हैं अद्भुत होता है, यह उनकी अपनी मूल शैली है।” उन्होंने कहा कि आज के दौर में कई अभिनेता मिथुन दा के डांस की कॉपी करते हैं यह अच्छी बात नही है। हमें अपनी शैली बनाए रखनी चाहिए। मिथुन दा ने बॉलीवुड के साथ ही बंगला फिल्म इंडस्ट्री में भी अच्छा काम किया है। दीपांकर ने बताया कि उत्तम कुमार, सुचित्रा सेन, सौमित्र चटर्जी और माधवी सरकार का बंगला सिनेमा में योगदान को नजरअंदाज नही किया जा सकता है। दीपांकर ने बताया कि अस्सी के दशक से बंगला सिनेमा में ठहराव आ गया है। हालांकि बुद्धदेव दास गुप्ता ,रितुपर्णो घोष और गौतम घोष जैसे कई फिल्मकारों ने नायाब फिल्में बनाकर बंगाली सिनेमा को उसकी खोयी हुयी पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। दीपांकर ने बताया कि उन्होंने वेब सीरीज पर आधारित दो लघु फिल्मों का संपादन किया है । दीपांकर बॉलीवुड फिल्मकार विधुविनोद चोपड़ा के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा “विधु विनोद चोपड़ा की फिल्मों से काफी कुछ सीखा जा सकता है। वह अपने आप में प्रशिक्षण संस्थान है। विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म निर्माण और निर्देशन की जो कार्यशैली पेश की वह अपने आप में मिसाल है । 

बॉलीवुड के कई संपादक फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में उतरकर कामयाबी के शिखर पर पहुंचे। इनमें ऋषिकेष मुखर्जी, संजय लीला भंसाली, राजकुमार हिरानी जैसे कई नाम शामिल है। निर्देशन के क्षेत्र में किस्मत आजमाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि यदि उन्हें ऐसी फिल्म की स्क्रिप्ट मिलती है जो उनके दिल को छू जाये तो वह निर्देशन के क्षेत्र में जरूर कदम रखना चाहेंगे। उन्होंने कहा “मेरे हिसाब से फिल्म की कहानी महत्वपूर्ण होती है। यदि फिल्म की कहानी अच्छी नहीं होगी तो फिल्म कितने भी बड़े बजट में बनायी गयी हो दर्शक उसे नकार देंगे। बॉलीवुड की कई फिल्मों की शूटिंग इन दिनों कोलकाता में की जा रही है। हाल के समय में 'परिणीता' 'कहानी' 'नो वन किल जेसिका' 'तीन' जैसी कई फिल्मों की शूटिंग कोलकाता में की जा चुकी है। कोलकाता में बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग को वह उपलब्धी मानते हैं पर दीपांकर ने कहा, “यह अच्छी बात है कि बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग कोलकाता में की जा रही है। मेरा मानना है कि ऐसा फिल्म की पृष्ठभूमि पर निर्भर होता है जैसे कहानी की मांग के अनुरूप मनोज वाजपेयी की फिल्म शूल की शूटिंग बिहार में की गयी थी। असम के रहने वाले दीपांकर सरकार दादा फाल्के पुरस्कार से सम्मानित भूपेन हजारिका को भारतीय सिनेमा के इतिहास की महान शख्सियतों में से एक मानते है। दीपांकर ने बताया भूपेन ऐसे कलाकार थे जो अपने गीत खुद लिखते, कंपोज करते और फिर इसे खुद ही गाते भी थे। संगीत के अलावा कविता लेखन, और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी इनकी गहरी पकड़ थी। उन्होंने असमिया सिनेमा को मुकाम दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। उनके गाये गीत दिल हुम हुम करे आज भी लोगों की जुबान पर है। 

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