- नितीश ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड
पटना 21 नवम्बर, बिहार में श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार ने विकसित बिहार के सात निश्चय पर अमल और पूर्ण शराबबंदी को अपनी बड़ी उपलब्धि बताते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि बिहार विकास के नये मानक स्थापित कर देश की प्रगति में अपना योगदान देगा और अपने गौरव को पुनर्स्थापित करेगा । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के एक साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड आज सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के वेबसाईट पर जारी कर दिया । श्री कुमार कल इसे संवाददाता सम्मेलन कर जारी करने वाले थे लेकिन उत्तर प्रदेश में इंदौर-पटना एक्सप्रेस की भीषण दुर्घटना के कारण इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया । 139 पेज के रिपोर्ट कार्ड में श्री कुमार ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा है कि महागठबंधन सरकार के एक वर्ष पूरा होने से पूर्व ही सभी सात निश्चय को लागू कर योजनाओं का कार्यान्वयन बड़ी उपलब्धि है । इसके साथ ही सरकार ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर चुनाव से पहले किये गये वायदे को भी पूरा कर दिया है । रिपोर्ट कार्ड में कहा गया है कि राज्य सरकार न्याय के साथ विकास का नजरिया रखते हुए सभी लोगों ,क्षेत्रों और वर्गों को साथ लेकर चलने के लिए संकल्पित है । राज्य में विकास की रणनीति समावेशी ,न्यायोचित और सतत होने के साथ आर्थिक प्रगति पर आधारित है । रिपोर्ट में मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा है कि कृषि रोड मैप ,मानव विकास मिशन और औद्योगिक प्रोत्साहन एवं निवेश की जो उनकी नीतियां एवं कार्यक्रम है उन्हें मजबूती से आगे भी जारी रखा गया है ।
श्री कुमार ने कहा है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग के गरीब, अल्पसंख्यक समुदाय एवं महिलाओं तथा बच्चों के लिए उनकी सरकार की जो नीतियां एवं कार्यक्रम हैं, उनपर उसने दृढ़तापूर्वक अमल किया है । रिपोर्ट कार्ड में उन्होंने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता है कि सभी राज्यवासियों को न सिर्फ मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय और बिजली उपलब्ध हो बल्कि सड़क, गली-नाली और पुल आदि आधारभूत संरचनाओं का भी विकास हो । रिपोर्ट कार्ड में कहा गया है कि सरकार गठन के मात्र दो माह में ही एक निश्चय "आरक्षित रोजगार, महिलाओं का अधिकार" को लागू करने की स्वीकृति दी गयी । इसके तहत राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला 20 जनवरी 2016 से लागू कर दिया गया । इसी तरह सरकार के दो निश्चय ‘हर घर नल का जल ’और ‘शौचालय निर्माण घर का सम्मान’ को पूरा करने के लिए योजनाओं का शुभारंभ 27 सितम्बर 2016 को किया गया । बिहार की नई पीढ़ी को शिक्षा,कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान करते हुए सक्षम बनाने के लिए "आर्थिक हल, युवाओं को बल" निश्चय के तहत बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना , मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता योजना भत्ता और कुशल युवा कार्यक्रम की शुरूआत दो अक्टूबर को कर दी गयी। इसके तहत ही स्टार्ट अप नीति 2016 को मंजूरी दे दी गयी है और पांच सौ करोड़ रूपये का वेंचर कैपिटल का प्रावधान किया गया है। साथ ही सभी सरकारी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है। यह सुविधा फरवरी 2017 से शुरू भी हो जायेगी।
रिपोर्ट कार्ड में कहा गया है कि सरकार का एक और निश्चय ‘अवसर बढ़े आगे पढ़े ’ के तहत राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में युवाओं का योगदान ,उच्च शिक्षा के विकास एवं कुशल कामगारों के आपूर्ति पक्ष को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला में जीएनएम स्कूल ,पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट ,पॉलीटेक्निक ,महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान , अभियंत्रण महाविद्यालय ,चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग कॉलेज तथा अनुमंडल में एएनएम स्कूल एवं सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित कर योजनाओं की स्वीकृति दे दी गयी है । इसके साथ ही राज्य में पांच नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए बेगूसराय,वैशाली,सीतामढ़ी,भोजपुर और मधुबनी जिले का चयन किया गया है । इसके अलावा उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से पूर्णियां एवं पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय तथा पटना में बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है । साथ ही मुंगेर में भी विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी । रिपोर्ट कार्ड में कहा गया है कि सरकार के दो अन्य निश्चय "घर तक पक्की गली-नालियां" और "हर घर बिजली लगातार" पर भी अमल शुरू हो गया है । घर तक पक्की गली-नालियां निश्चय की शुरूआत 28 अक्टूबर और हर घर बिजली लगातार निश्चय का शुभारंभ 15 नवम्बर को कर दिया गया है । इस निश्चय के अंतर्गत अगले दो वर्ष में अपने संसाधनों की मदद से राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों तक मीटर के साथ बिजली कनेक्शन उपलब्ध करा देगी ।
राज्य में पूर्ण शराबबंदी को महागठबंधन सरकार ने अपनी बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि नयी उत्पाद नीति के तहत प्रथम चरण में एक अप्रैल से पूरे बिहार में देशी शराब की बिक्री, सेवन और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाया गया । इस निर्णय को मिले प्रबल जन समर्थन को देखते हुए सरकार ने पांच अप्रैल से संपूर्ण राज्य में विदेशी शराब पर भी रोक लगा दी । सरकार ने दावा किया कि पूर्ण शराबबंदी से समाज अधिक सशक्त ,स्वस्थ्य और संयमी हो रहा है जिसका अतुल्य प्रभाव बिहार की प्रगति पर परिलक्षित होगा । सरकार का दावा है कि बिहार में लागू शराबबंदी का सकारात्मक प्रभाव सामाजिक सौहार्द पर पड़ रहा है और गांव एवं शहरों में शांति तथा सदभाव का माहौल स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है । रिपोर्ट में कहा गया है कि शराबबंदी की इस मुहिम में जहां एक ओर कानून का अनुपालन सख्ती से होगा वहीं दूसरी ओर शराब के विरूद्ध जारी व्यापक जन चेतना को और सुदृढ़ किया जायेगा । रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में त्वरित औद्योगिक विकास के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 लागू की गयी है । इसके साथ ही राज्य में युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टाटअप नीति 2016 सात सितम्बर 2016 से लागू की गयी है । रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार की पूर्व की नीतियों के कारण अब तक राज्य में 313 औद्योगिक इकाईयां कार्यरत हुए है और 178 इकाईयों को शुरू करने का कार्य प्रगति में है ।
रिपोर्ट के अनुसार लोकहित में सरकार की नीतियों ,कार्यक्रमों एवं योजनाओं के संबंध में नागरिकों से सुझाव प्राप्त करने के लिए लोक संवाद कार्यक्रम दिसम्बर 2016 से प्रारंभ किया जा रहा है । रिपोर्ट में कहा गया है कि नीति ,कार्यक्रम एवं योजनाओं को क्रियान्वयन की कसौटी पर परखने एवं उनमें लोगों की सहभागिता और संतुष्टि के स्तर का आकलन करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर अनुश्रवण , निरीक्षण एवं समीक्षा की जाती रही है । इसी क्रम में सरजमीन पर सात निश्चय के क्रियान्वयन ,लोक शिकायत निवारण कानून के अनुश्रवण और शराबबंदी के अभियान में संवर्द्धित चेतना के संचार के लिए मुख्यमंत्री निश्चय यात्रा कर रहे है । महागठबंधन सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए रिपोर्ट कार्ड में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, कृषि और सिंचाई समेत सभी क्षेत्रों में सुधार का दावा किया गया है । रिपोर्ट के अनुसार नवम्बर 2015 में जहां सरकारी अस्पतालों में बाह्य रोगियों की औसत संख्या 09 हजार 232 थी वह सितम्बर 2016 में बढ़कर 10 हजार 695 हो गयी है । प्रजनन दर में भी लगातार गिरावट हो रही है वहीं पूर्ण प्रतिरक्षण का आच्छादन बढ़ रहा है । वहीं छह से 14 आयु वर्ग के विद्यालय से बाहर के बच्चों को विद्यालय लाने में राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है । वर्तमान में मात्र एक प्रतिशत बच्चे ही विद्यालय से बाहर रह गये है । राज्य में पिछले एक वर्ष में 513 नये प्राथमिक विद्यालय भवन का निर्माण किया गया है । रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुशल वित्तीय प्रबंधन के कारण वित्तीय वर्ष 2015-16 में भारतीय रिजर्व बैंक से न तो अग्रिम और न ही ओवर ड्राफ्ट लिया गया । इस अवधि में राज्य का राजकोषीय घाटा अधिनियम की निर्धारित अधिसीमा के अधीन 2.48 प्रतिशत रहा । वित्तीय वर्ष 2015-16 में चालू मूल्यों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद 287316 करोड़ रूपये था जो वर्ष 2016 -17 में बढ़कर 540556 करोड़ रूपया हो गया है ।

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