सफल विद्यार्थी को मिलेगी 50 हजार की प्रोत्साहन राशि
शासकीय संस्थाओ में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थी जिन्होने वर्ष 2016 में जेईई- नीट- क्लेट परीक्षा में सफलता अर्जित की है उन्हें शासन के द्वारा 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जायेगी । पात्र विद्यार्थी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में सम्पूर्ण दस्तावेजो के साथ अपनी जानकारी देकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है।
पीएससी परीक्षा के लिये आवेदन 8 जनवरी तक
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के 187 पदों हेतु राज्य सेवा परीक्षा- 2017 और वन सेवा के कुल 174 पदों हेतु राज्य वन सेवा-2017 के विज्ञापन जारी कर दिये हैं। विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट www-mppscdemo-in] www-mppsc-nic-in तथा www- mppsc-com पर उपलब्ध है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की उप सचिव श्रीमती वंदना वैद्य ने बताया कि अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन-पत्र एम.पी.ऑनलाइन के अधिकृत कियोस्क पर शुल्क का नकद भुगतान करके आवेदन जमा कर सकते हैं। अभ्यर्थी क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के साथ ही नेट बैंकिंग के द्वारा भी घर बैठे शुल्क भुगतान कर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 8 जनवरी है।
आनंद उत्सव कार्यक्रम¨ं का आय¨जन 14 जनवरी से
मध्यप्रदेश शासन द्वारा आनंद उत्सव कार्यक्रम¨ं का आय¨जन 14 जनवरी 2017 से 21 जनवरी तक किया जाएगा। आनंदक के रूप में आमजन भी पंजीयन करा सकते हैं। आनंदक पंजीकरण के पीछे शासन की मंशा है कि विभिन्न गतिविधिय¨ं के अलावा सामान्य कार्यकलाप¨ं से आमजन क¨ आनंद की अनुभूति मिल सके। पंजीयन हेतु आनंद विभाग की वेबसाइट www.anandsansthanmp.in पर “आनंदक” के पंजीकरण की व्यवस्था उपलब्ध है। राज्य आनंद संस्थान के द्वारा सुविधा की दृष्टि से हेल्पलाइन दूरभाष क्रमांक 0755-2553333 पर भी “आनंदक” के पंजीयन की व्यवस्था की गई है। उल्लेखित दूरभाष पर प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक क¨ई भी व्यक्ति स्वंय का “आनंदक” के रूप में पंजीयन करा सकते है। आनंदक से विभाग की निम्नांकित अपेक्षाएं है, उनमें आनंदक अपने अन्य सामान्य कार्यकलाप¨ं के अतिरिक्त आनंद विभाग की गतिविधिय¨ं क¨ स्वप्रेरणा से तथा बिना किसी मानदेय के संचालन करने के लिए तैयार ह¨। विभाग द्वारा ज¨ प्रशिक्षण दिया जाएगा उस पर समय पर उपस्थित ह¨ंगे तथा उसी प्रशिक्षण के अनुरूप कार्य करेंगे। नवीन दिशा-निर्देश¨ं के लिए विभाग की वेबसाइट का सतत अवल¨कन करते रहेंगे। राज्य आनंद संस्थान क¨ समय-समय पर फीड बैक देंगे ताकि गतिविधिय¨ं में निरंतर सुधार आ सकें।

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