अमरेन्द्र सुमन (दुमका), भारतीय संविधान को आत्मसात करते हुए देश की एकता व अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखकर आईये एक बार फिर से भारत को विश्व गुरू बनाएँ। समाज कल्याण मंत्री, झारखण्ड डा लोईस मरांडी ने दुमका के इन्डोर स्टेडियम में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या (25 जनवरी 2017) पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने सम्बोधन में आम नागरिकों का आह्वान करते हुए उपरोक्त बातें कही। डा0 मराण्डी ने कहा देशभक्ति की भावना से लोग काम करें। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उनकी ओर से घोषणा करते हुए डा0 मराण्डी ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रत्येक कला दल को बतौर पारितोषिक 20-20 हजार रुपये प्रदान किये जाऐगें। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर इस अवसर पर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व $2 राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, दुमका द्वारा पारम्परिक लोटा पानी तथा गीत/नृत्य के साथ मुख्य अतिथि डा0 मराण्डी का स्वागत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर सिदो कान्हु उच्च विद्यालय, होली चाईल्ड स्कूल, संत जोसेफ विद्यालय गुहियाजोरी, एकलव्य माॅडल विद्यालय, काठीजोरिया, झारखंड कला केन्द्र, द हेराल्ड स्कूल, संत जोसेफ स्कूल, संत तेरेसा स्कूल, कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, षिकारीपाड़ा, सेक्रेट हर्ट स्कूल, अ.ज.जा. आ. बा. वि. कड़हरबील के छात्रों ने मनमोहक प्रस्तुति प्रस्तुत की। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री डा लोईस मरांडी के अलावा संताल परगना प्रमंडल के आयुक्त दिनेश चन्द्र मिश्र, उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा, नगर पर्षद अध्यक्ष अमिता रक्षित, उप विकास आयुक्त शशि रंजन, अपर समाहर्ता इन्दु गुप्ता, उप निदेशक जनसम्पर्क अजय नाथ झा, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक अशोक कुमार शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी धर्मदेव राय, जिला पंचायती राज पदाधिकारी शिवनारायण यादव, नजारत उपसमाहर्ता डा सुदेश कुमार, सिंहासन कुमारी व शहर के गणमान्य नागरिक, विभिन्न स्कूलों के शिक्षकगण, छात्र छात्रायें व काफी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जीवानन्द यादव ने किया।
बुधवार, 25 जनवरी 2017
भारतीय गणतंत्र को अक्षुण्ण बनाते हुए इस राष्ट्र को विश्वगुरु बनाएँ-डा0 लोईस मराण्डी
Tags
# झारखण्ड
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
झारखण्ड
Labels:
झारखण्ड
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें