पटना 30 जनवरी, जन अधिकार पार्टी (जाप) .लो. के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से बेनामी संपत्ति के खुलासे के लिए अध्यादेश लाने की मांग की है। श्री यादव ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार को बेनामी संपत्ति के खुलासे और उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए अध्यादेश लाना चाहिए। राजनीतिक दलों को मिलने वाले एक-एक पैसे के चंदे को सार्वजनिक करना चाहिए और इसमें पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में सर्वाधिक अघोषित चंदा राष्ट्रीय जनता दल(राजद) और जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के पास आया है। उन्होंने कहा कि जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमों लालू यादव को बताना चाहिए कि यह पैसा कहां से आया और किसने दिया। सांसद ने राजनीतिक दलों के बही-खातों के ऑडिट की वकालत करते हुए कहा कि पार्टियों को भी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को मिलने वाला चंदा कैशलेस होना चाहिए ताकि राजनीति में कालेधन का इस्तेमाल पर रोक लग सके। श्री यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणा पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुनाव में जाति और धर्म का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। इसके बावजूद भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में धार्मिक और जातीय उन्माद फैलाने की कोशिश की। जाप संरक्षक ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है और धार्मिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का किसी को अधिकार नहीं है। चुनाव आयोग को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा से विवादित मुद्दों को घोषणा पत्र से वापस लेने की मांग की। संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सूर्य नारायण सहनी, जन अधिकार युवा परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मधुकर आनंद, प्रधान महासचिव लव कुमार सिंह और राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन पप्पू समेत अन्य नेता मौजूद थे।
सोमवार, 30 जनवरी 2017
बेनामी संपत्ति के खुलासे के लिए अध्यादेश लाए केंद्र : पप्पू यादव
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