
नयी दिल्ली 04 फरवरी, विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों में से 50 फीसदी को समय रहते जांच और इलाज से रोका जा सकता है । विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर आज संगठन की दक्षिण-पूर्व एशिया श्रेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल ने कहा कि जागरूकता और समय रहते जांच तथा इलाज सें कैसर के 50 फीसदी मामलों को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कैंसर से दुनिया में सालाना 82 लाख लोगों की मौत होती हैं जबकि भारत में अकेले 7.80 लाख लोग इसका शिकार होते हैं। डल्ब्यूएचओ के अनुसार दुनिया में कैंसर से होने वाली इन मौतों में से 50 फीसदी समय रहते जांच और इलाज से रोकी जा सकती हैं। ऐसे में इस रोक के प्रति जागरुकता इसके खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार है। सुश्री खेत्रपाल ने कहा कि तंबाकू और शराब के सेवन से कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा होता है। दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों में 22 फीसदी का कारण तंबाकू सेवन है। इसके साथ ही अस्वास्थ्यकारी आहार तथा शारीरिक व्यायाम का अभाव भी इस रोग के खतरे को बढ़ाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में प्रदूषित वातावरण वाले व्यवसायों में काम करने वाले लोगों में भी इस रोग के होने का खतरा ज्यादा रहता है। स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ह्यूपन पेपीलाेमा वायरस,हेपेटाइटिस बी और सी वायरस तथा हेलीकोबैक्टर पिलोरी जैसे वायरस कैंसर रोग का वाहक बनते हैं ऐसे में इन वायरसों के खिलाफ सशक्त टीकाकरण अभियान कैंसर रोकने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी बन सकती है।
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