नयी दिल्ली 06 फरवरी, केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने आज राज्यसभा में स्पष्ट किया कि मनरेगा के तहत काम पाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं बनाया गया है लेकिन मनरेगा को आधार कार्ड से जोड़ने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गयी है पर जरूरत पड़ने पर उस तिथि को भी बढ़ाया जा सकता है। श्री तोमर ने प्रश्नकाल के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी़ राजा के प्रश्न के जवाब में यह बात कही। उन्होनें कहा कि इस वर्ष तीन जनवरी को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर यह निर्देश दिया कि मनरेगा के तहत जिस किसी व्यक्ति ने अब तक अपना आधार कार्ड नहीं बनवाया है, उसे 31 मार्च 2017 तक आधार के लिए आवेदन करना होगा लेकिन राज्य सरकार यदि अनुरोध करेगी तो उस तिथि को भी बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में पारदर्शिता लाने के लिए और भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है। मनरेगा का बजट इस बार बढ़ाया गया है और 51 लाख एसेट्स को इंटरनेट पर जियोटैग भी किया गया है। इसके पहले ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामकृपाल यादव ने भाजपा के डी़ राजा के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि अभी तक किसी राज्य ने यह शिकायत नहीं की है कि आधार कार्ड के अभाव में किसी को मनरेगा के तहत काम से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस आधार पर काम न पाने की शिकायत करता है तो सरकार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा के 80 प्रतिशत मजदूरों ने स्वैच्छा से ही आधार कार्ड बना लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेश का सम्मान करती है और उसने आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं बनाया है।

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