11 से 17 फरवरी तक पूरे बिहार में निकलेगी अधिकार यात्रा: कुणाल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 4 फ़रवरी 2017

11 से 17 फरवरी तक पूरे बिहार में निकलेगी अधिकार यात्रा: कुणाल

  • बेगूसराय से निकलने वाली अधिकार यात्रा की अगुवाई करेंगे माले महासचिव, सच्चे सामाजिक न्याय के एजेंडे पर हो रही है अधिकार रैली

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पटना 4 फरवरी 2017, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि सामाजिक न्याय के सच्चे एजेंडे पर पटना में आयोजित अधिकार रैली की चैतरफा तैयारी आरंभ हो गयी है. अधिकार रैली से पूर्व विभिन्न जिलों में अधिकार यात्रा का आयोजन किया गया है. मुख्य यात्रा पार्टी महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य के नेतृत्व में 11 फरवरी को बेगूसराय से निकलेगी. इसमें खेग्रामस के महासचिव काॅ. धीरेन्द्र झा, ऐपवा महासचिव काॅ. मीना तिवारी, पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद, लक्ष्मेश्वर मिश्रा, सांस्कृतिक टीम के सदस्य, आइसा के बिहार राज्य अध्यक्ष मोख्तार व राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन आदि नेता शामिल रहेंगे. यात्रा बेगूसराय से निकलकर खगड़िया, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली होते हुए 17 फरवरी को पटना पहुंचेगी. उन्होंने बताया कि अधिकार यात्रा के दौरान नुक्कड़ सभा, मोटरसाइकिल जुलूस, पदयात्रा, नागरिकों-आंदोलनकारियों से मुलकात आदि कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे और सामाजिक न्याय के वादे से सरकारों के विश्वासघात के खिलाफ 19 फरवरी को आयोजित अधिकार रैली में शामिल होने का आग्रह किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हमारी रैली ऐसे समय में हो रही है, जब एक तरफ मोदी द्वारा नोटबंदी के जरिए गरीबों की रोजी-रोटी पर जबरदस्त हमला किया गया है, तो दूसरी ओर गरीबों के वोट से सत्ता पाने वाली नीतीश सरकार जनादेश का लगातार अपमान कर रही है. बिहार में पिछले 26 वर्षों से सामाजिक न्याय की ही सरकार चल रही है, लेकिन मोदी के अच्छे दिन की तरह सामाजिक न्याय भी एक जुमला बन गया है. शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार, भूमि अधिकार के बिना सामाजिक न्याय की बात बेमानी है. केंद्र व पटना की सरकारें इन विषयों पर एक दम मौन हैं.

मोदी व नीतीश की जुगलबंदी फिर से दिख रही है. इसी कारण सामंती-अपराधियों का मनोबल आज सर चढ़कर बोल रहा है और वे गरीबों के हक-अधिकार पर लगातार हमला कर रहे हैं. पूरे बिहार में जमीन से गरीबों को बेदखल किया जा रहा है और विरोध करने पर हत्यायें की जा रही हैं. अररिया पार्टी सचिव काॅ. सत्यानारायण सिंह यादव और कमलेश्वरी ऋषिदेव की हत्या के पहले इस तरह की कई हत्याएं हो चुकी हैं. हाजीपुर के अंबेदकर छात्रावास की डीका कुमारी की नृशंस हत्या-बलात्कार के जरिए गरीबों के शिक्षा पाने के अधिकार पर भी हमला किया गया हैै. जब आज गरीबों व समाज के कमजोर वर्ग के बीच सामाजिक न्याय की जुमलेबाजी का पर्दाफाश हो रहा है, हमारी पार्टी गरीबों के न्याय व अधिकार पर हमले के खिलाफ संघर्ष को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य सेे यह रैली आयोजित हो रही है.

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