नयी दिल्ली, 06 फरवरी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज चुनाव आयोग से मिलकर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के व्यवहार एवं आचरण को अत्यंत आपत्तिजनक तथा पक्षपातपूर्ण बताते हुए उन्हें तुरंत बदलकर निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं भयमुक्त चुनाव कराने की अपील की । केन्द्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू, निर्मला सीतारमण और मुख़्तार अब्बास नकवी ने यहां निर्वाचन सदन में चुनाव आयोग में इस आशय का एक ज्ञापन सौंपा । आयोग के साथ बैठक के बाद श्री नायडू ने बाहर मौजूद संवाददाताओं से कहा कि सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के दबाव में आकर राज्य की प्रशासनिक मशीनरी अत्यंत पक्षपातपूर्ण ढंग से व्यवहार एवं आचरण कर रही है। सपा के गुण्डाराज में प्रशासनिक अधिकारी अन्य पार्टियों को चुनावी गतिविधियों की अनुमति देने में या तो देरी करते हैं अथवा इन्कार कर रहे हैं । इतना ही नहीं, सपा के कार्यकर्ताओं के दबाव में आकर अनेक स्थानों पर लोगों को चुनाव के पहले पलायन करना पड़ रहा है । श्री नायडू ने कहा कि अनेक जिलों में अधिकारी चार साल से अधिक समय से तैनात हैं और मेरठ, कानपुर, फिरोज़ाबाद समेत कई जिलों में जिलाधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण ढंग से काम करने का दबाव डाला जा रहा है । सबको मालूम है कि उन्हें इशारों में समझाया जा रहा है कि अगर सपा दोबारा जीत गयी तो बात नहीं मानने वालों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर शिकायतें मिलने के बाद भाजपा को आयाेग में आकर शिकायत दर्ज करानी पड़ी है । उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टियों को समझ में आ गया है कि माहाैल सपा के गुण्डाराज, अराजकता, भ्रष्टाचार, परिवारवाद, अत्याचार के खिलाफ है। लोगों ने सपा के प्रति विश्वास खो दिया है। 2012 में सपा ने चुनाव में जाे वादे किये थे वो निभाये नहीं गये। का कहना है कि सपा ने अपनी साइकिल का हैंडल देश को लूटने वाली कांग्रेस के हाथ में दे दिया है। श्री नायडू ने कहा कि जिस मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस के खिलाफ संघर्ष करके सपा को इस मुकाम पर पहुंचाया, उसी के पुत्र ने उनकी पार्टी को कांग्रेस के हाथों में सौंप दिया है। सपा को अहसास हाे गया है कि बाज़ी उसके हाथ से निकल गयी है। इसीलिये वह चुनाव में हेरफेर कराने की जुगत में है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने एक प्रकार से हार स्वीकार कर ली है और कहा है कि अगर बहुजन समाज पार्टी गठबंधन में शामिल होती तो भाजपा को रोकना संभव होता । केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि निराशा एवं हताशा में सपा ऐसी हरकतों पर उतर आयी है। चुनाव आयोग को तत्काल शीर्ष पदों पर निष्पक्ष अधिकारियों की तैनाती करके बाहर गये लोगों को सुरक्षा की गारंटी देकर वापस आने देना चाहिये। इसके लिये ऐसे क्षेत्रों में केन्द्रीय सुरक्षा बलों का फ्लैग मार्च कराना चाहिये। ताकि उत्तर प्रदेश में भयमुक्त, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न हो सकें और राज्य को अराजकता, भ्रष्टाचार, गुण्डाराज से मुक्ति दिलायी जा सके।
सोमवार, 6 फ़रवरी 2017
भाजपा ने चुनाव अायोग से की उ प्र के मुख्य सचिव, डीजीपी की शिकायत
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