मुंबई, 5 फरवरी, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी :आईटी: उद्योग अपने सबसे बड़े बाजार अमेरिका में प्रस्तावित बदलावांे से परेशान है। 150 अरब डालर के घरेलू आईटी उद्योग के संगठन नास्कॉम को उम्मीद है कि दोनांे देशांे के व्यावहारिक सोच रखने वाले प्रमुखांे के बीच गहरे संपर्कों से देश को मौजूदा संकट से बाहर निकलने में मदद मिल सकती है।नास्कॉम के चेयरमैन सी पी गुरनानी ने कहा, ‘‘भारत को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता स्पष्ट है। मेरा विश्वास है कि इस दुनिया को प्रधानमंत्री नरंेद्र मोदी तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गहराई वाले संपर्कों की जरूरत है।’’ देश की पांचवीं सबसे बड़ी साफ्टवेयर निर्यातक टेक महिंद्रा के प्रमुख गुरनानी ने दोनांे देशांे के प्रमुखांे को व्यावहारिक सोच वाला बताते हुए इस बात पर क्षोभ जताया कि अभी मोदी और ट्रंप के टीमांे के बीच कोई संपर्क नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वह खुद तथा नास्कॉम के अध्यक्ष आर चंद्रशेखर तथा अन्य शीर्ष लोग इसी महीने बाद में अमेरिका जा रहे हैं और वे ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियांे के समक्ष अपने विचार रखंेगे। इस दौरान वे आपसी लाभ के मुद्दांे पर भागीदारी को लेकर चर्चा करंेगे। गुरनानी ने कहा कि चंद्रशेखर और मैं फरवरी के अंत तक फरवरी जा रहे हैं और वहां ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियांे से मिलेंगे। स्पष्ट रूप से यह व्यापार भागीदारी को लेकर होगा। हम अमेरिका को बताएंगे कि कैसे हम सिर्फ यहां ही दुनिया के अन्य हिस्सों में रोजगार का सृजन करंेगे। उन्होंने कहा कि घरेलू आईटी उद्योग ने चीन, मलेशिया तथा फिलिपींस के अन्य बाजारांे में रोजगार का सृजन कर रहे हैं।
रविवार, 5 फ़रवरी 2017
मोदी-ट्रंप के बीच गहरे संपर्क से वीजा संकट सुलझ सकता है : गुरनानी
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