नयी दिल्ली, पांच फरवरी, सरकारी आडिटर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक :कैग: ने पाया है कि एनटीपीसी को 2010-16 के दौरान घरेलू कोयले की खरीद पर 6,869.95 करोड़ रपये की अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ी। वहीं ईंधन की कमी की वजह से बिजली संयंत्रांे में कटौती की वजह से कंपनी ने 4,299.80 करोड़ रपये का राजस्व जुटाने का अवसर गंवा दिया। कैग ने कहा कि इससे कंपनी को कुल मिलाकर 2010-16 के दौरान 11,000 करोड़ रपये का नुकसान हुआ। कैग ने एनटीपीसी के बिजली संयंत्रांे पर अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘कंपनी को घरेलू कोयले की खरीद के लिए 2010-16 में 6,869.95 करोड़ रपये का अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। और साथ ही कंपनी ने कोयले की कमी की वजह से बिजली कटने से 4,299.80 करोड़ रपये का राजस्व कमाने का अवसर भी गंवा दिया।’’ प्रदर्शन अंकेक्षण रपट में एनटीपीसी और उसके संयुक्त उद्यमांे के 26 में से 13 कोयला आधारित बिजली घरांे के प्रदर्शन का अप्रैल, 2010 से मार्च, 2016 तक आडिट किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 2010-11 से 2015-16 में 13 में से 11 स्टेशनांे ने 1,954.62 करोड़ यूनिट का उत्पादन गंवा दिया। इससे कंपनी को संभावित 4,299.80 करोड़ रपये के राजस्व का नुकसान हुआ। इसमें कहा गया है कि कोयला आधारित बिजली घरांे में कुल उत्पादन शुल्क में कोयले की लागत 60 से 70 प्रतिशत बैठती है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की लागत पर उल्लेखनीय असर पड़ता है।
रविवार, 5 फ़रवरी 2017
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कोयले की कमी, खरीद में दिक्कतों से 2010-16 के दौरान एनटीपीसी को हुआ 11,000 करोड़ रपये का नुकसान
कोयले की कमी, खरीद में दिक्कतों से 2010-16 के दौरान एनटीपीसी को हुआ 11,000 करोड़ रपये का नुकसान
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