पुणे, 05 फरवरी, सात अोलंपिक खेल चुके और 43 की उम्र के बावजूद डेविस कप में जुटे दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस का कहना है कि यदि उन्हें चुना जाता है तो वह देश के लिये हमेशा उपलब्ध रहेंगे। पेस अौर उनके जोड़ीदार विष्णु वर्धन को न्यूजीलैंड के खिलाफ यहां एशिया ओसनिया जोन ग्रुप एक के मुकाबले में शनिवार को युगल मैच में हार का सामना करना पड़ा था और पेस डेविस कप में 43 युगल जीतकर विश्व रिकार्ड बनाने से चूक गये थे। वर्ष 1990 में अपने डेविस कप करियर की शुरूअात करने वाले और 2017 में अपना 55वां डेविस कप मुकाबला खेल चुके पेस ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया कि वह भविष्य में भी देश की सेवा के लिये उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा“ यदि मुझे चुना जाता है तो मैं जरूर देश के लिये खेलूंगा। विश्व रिकार्ड तो देश के नाम ही होता है।” पेस को गत वर्ष स्पेन के खिलाफ विश्व ग्रुप प्लेआफ मुकाबले में और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दौर के मुकाबले में युगल मैच में हार का सामना करना पड़ा जिससे उनका 43वीं युगल जीत का इंतजार लंबा होता जा रहा है। इस मुकाबले से पहले यह माना जा रहा था कि यह पेस का आखिरी डेविस कप मुकाबला होगा लेकिन यह दिग्गज खिलाड़ी अभी थमने को तैयार नहीं है।
देश के सबसे सफल डेविस कप खिलाड़ी ने यह भी संकेत दिया कि चयन विवादों का उनपर कोई असर नहीं है। पेस को इस मुकाबले में देश के शीर्ष युगल खिलाड़ी रोहन बोपन्ना पर तरजीह देकर चुना गया था। बोपन्ना ने बाद में इस फैसले की आलोचना भी की थी। पेस के साथ संवाददाता सम्मेलन में मौजूद टीम के गैर खिलाड़ी कप्तान आनंद अमृतराज ने भी इस बात पर सहमति दिखाई कि टीम चुनते समय रैंकिंग कुछ नहीं होती है। पेस ने कहा“ टीम को फार्म, फिटनेस और मुकाबले की परिस्थितियों के हिसाब से चुना जाना चाहिये। हमें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को आगे लाने की जरूरत होती है।” न्यूजीलैंड के माइकल वीनस और आर्टेम सिताक के खिलाफ मुकाबले को लेकर पेस ने कहा“ यह एक मुश्किल मुकाबला था जिसमें मानसिक संघर्ष ज्यादा था। हमने पहले सेट में दबदबा बनाया और दूसरे सेट में विपक्षी को 15-40 पर ला दिया। लेकिन उसके बाद से हम अपने रिटर्न्स को लेकर कुछ डिफेंसिव हो गये जबकि आपको पता होना चाहिये कि इस स्तर पर ज्यादा डिफेंस ठीक नहीं होता है।” कीवी जोड़ी ने यह मुकाबला 3-6 6-3 7-6 6-3 से जीता।

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