विकास का शत-प्रतिशत लाभ पाने के लिए कुरीतियों के प्रति जागरूक होना जरूरी : सत्यपाल - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 26 जनवरी 2018

विकास का शत-प्रतिशत लाभ पाने के लिए कुरीतियों के प्रति जागरूक होना जरूरी : सत्यपाल

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पटना 26 जनवरी, बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सामाजिक कुरीतियों नशा, बाल विवाह और दहेज प्रथा के प्रति जागरूक होने पर बल देते हुये आज कहा कि इसके बिना विकास कार्यों का शत-प्रतिशत लाभ समाज को नहीं मिल पाएगा। श्री मलिक ने यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान में 69वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडोत्तोलन के बाद राज्यवासियों को संबोधित करते हुये कहा कि समाज को विकास कार्यों का शत-प्रतिशत लाभ तबतक नहीं मिलता जबतक कि समाज व्याप्त कुरीतियों के प्रति जागरूक न हो। इसलिए, समाज सुधार के कार्यक्रमों को भी पूरी तत्परता के साथ लागू किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज की अधिकांश कुरीतियों से सबसे अधिक महिलायें प्रभावित होती हैं। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने 02 अक्टूबर 2017 से बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए सशक्त अभियान शुरू किया है। राज्यपाल ने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा कि खिलाफ सशक्त कानून होने के बावजूद समाज में ये दोनों कुरीतियां विद्यमान हैं इसलिए इनके विरुद्ध सबके सहयोग से सामाजिक अभियान चलाना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खात्मे के लिए चलाये गये अभियान के माध्यम से शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, लैंगिक असमानता, कुपोषण एवं बौनापन, लड़कियों में असुरक्षा की भावना और अशिक्षा जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 21 जनवरी को राज्यवासियों ने बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ 14 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर इस अभियान के समर्थन में अपने संकल्प काे प्रकट किया है। 

श्री मलिक ने कहा कि सरकार ने इससे पूर्व राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की तथा उसके बाद पूर्ण नशाबंदी का संकल्प लिया है। सरकार के इस कदम से राज्य में इसके प्रति खासकर महिलाओं, युवाओं एवं बालक-बालिकाओं में काफी उत्साह है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से शराबबंदी एक सामाजिक अभियान का रूप ले चुकी है। पूर्ण शराबबंदी से समाज अधिक सशक्त, स्वस्थ एवं संयमी हुआ है, जिसका अतुल्य प्रभाव बिहार की प्रगति में परिलक्षित हो रहा है। शराबबंदी के कारण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा पारिवारिक हिंसा, घरेलू कलह एवं सामाजिक अपराध के मामलों में कमी आई है। राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने सुशासन एवं न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर राज्य के विकास के लिए सार्थक प्रयास किये हैं। सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। विकास और कल्याण के पथ पर सभी क्षेत्रों और वर्गों को साथ लेकर चलने के लिए सरकार संकल्पित है। राज्य में विकास की रणनीति समावेशी, न्यायोचित और सतत् होने के साथ ही आर्थक प्रगति पर आधारित है। बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए सुशासन के कार्यक्रम लागू किये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज कायम रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संगठित अपराध पर अंकुश लगाया गया है और यही व्यवस्था आगे भी जारी है। पुलिस तंत्र के सुदृढीकरण के लिए कई कदम उठाये गये हैं ताकि वे अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन कुशलतापूर्वक कर सकें। उन्होंने कहा कि यह सरकार के संकल्प का ही परिणाम हैं कि राज्य में सौहार्द्र एवं सांप्रदायिक सद्भाव का वातावरण है। श्री मलिक ने कहा कि भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सरकार की मुहिम जारी है। भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक एवं वित्तीय संरचनाओं को मजबूत एवं पारदर्शी बनाने के साथ ही लोगों को कानूनी अधिकार देकर सशक्त बनाने की नीति पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रशासन के निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की समस्या के निदान के लिए ‘बिहार लोक सेवाओं का अधिकान कानून’ के तहत अभी तक 17 करोड़ 76 लाख आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 को लागू कर लोगों को उनकी शिकायत पर सुनवाई के साथ ही निर्धारित समयसीमा में इसके निवारण का भी कानूनी अधिकार दिया गया है। पिछले डेढ़ वर्ष में ही करीब दो लाख 41 हजार से अधिक शिकायतों का निपटारा किया गया है।

राज्यपाल ने कहा कि सुशासन के कार्यक्रम के तहत विकसित बिहार के सात निश्चय का मिशन मोड क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण एवं परामर्श के लिए गठित बिहार विकास मिशन द्वारा संस्थागत व्यवस्था को मजबूत बनाते हुये बेहतर कार्य प्रणाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार सात निश्चय की योजनाओं की वास्तविक स्थिति को जानने के लिए क्षेत्रों का भ्रमण वं जिलों में समीक्षा बैठक कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तीकरण के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है और यह सरकार की नीतियों का अभिन्न अंग है। जीविका कार्यक्रम के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन से महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ी है। अबतक करीब आठ लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ने अपने एक निश्चय ‘आरक्षित रोजगार, महिलाओं का अधिकार’ के तहत राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की है। श्री मलिक ने कहा कि सरकार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के समेकित विकास के लिए कृत संकल्पित है। गांव शहरों के आर्थिक एवं सामाजिक परिवेश में सकारात्मक बदलाव आया है। विकसित बिहार के निश्चय ‘हर घर नल का जल’ तथा ‘शौचालय निर्माण, घर का सम्मान’ के तहत योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है तथा गांव हो या शहर सभी घरों को नल का जल एवं शौचालय की सुविधा चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अबतक पांच लाख 35 हजार से अधिक घरों तथा शहरी क्षेत्रों के करीब एक लाख घरों में नल का जल उपलब्ध कराया जा चुका है। इसी तरह ग्रामीण इलाकें के 23 लाख आठ हजार घरों एवं शहरी क्षेत्र के एक लाख 58 हजार घरों में शौचालय का निर्माण कराया गया है। अभी तक राज्य के चार अनुमंडल, 33 प्रखंड एवं 694 पंचायतों तथा 785 शहरी वार्डों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है। राज्यपाल ने कहा कि बिहार की नई पीढ़ी को शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘आर्थिक हल, युवओं को बल, निश्चय के बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अबतक 14 हजार युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बैंक ऋण की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत एक लाख 54 हजार से अधिक युवाओं को भत्ता दिया जा रहा है। वहीं, कुशल युवा कार्यक्रम के तहत दो लाख से अधिक युवा प्रशिक्षित हो चुके हैं जबकि एक लाख से अधिक युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लागू स्टार्टअप नीति के तहत 856 स्टार्टअप को इन्क्यूबेटर के साथ संबद्ध किया गया है, जिनमें से चुने गये 26 आवेदकों के लिए 65 लाखा रुपये जारी किये गये हैं। इनके अलावा 300 सरकारी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नि:शुल्क वाईफाई सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। श्री मलिक ने कहा कि ‘अवसर बढ़ें, आगे पढ़ें’ निश्चय के तहत प्रत्येक जिले में जीएनएम, पैरा मेडिकल, पॉलिटेक्निक, महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं इंजीनियरिंग कॉलेज और प्रत्येक अनुमंडल में एएनएम एवं सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तथा राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से पूर्णिया, पाटलीपुत्र एवं मुंगेर विश्वविद्यालय, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन को अधिसूचित कर दिया गया है।

राज्यपाल ने कहा कि घर तक पक्की गली-नाली निश्चय के तहत अबतक ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 16 हजार वार्डों एवं शहरी क्षेत्रों में 2500 वार्डों में काम शुरू किया गया है। वहीं, ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत अबतक एक हजार 166 योजनाओं को क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने विद्युत क्षेत्र में हुये कार्यों का उल्लेख करते हुये कहा कि राज्य में बिजली की अधिकतम आपूर्ति 4535 मेगावाट पहुंच गई है। सभी 39 हजार 73 गांवों में बिजली कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है। अभी सभी टोलों को इस वर्ष अप्रैल तक और दिसंबर तक इच्छुक परिवारों को बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला एवं ग्रामीण सड़कों तथा पुल-पुलियां का निर्माण कर राज्य के सुदूर क्षेत्र से छह घंटे में राजधानी पटना पहुंचने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है और अब इस लक्ष्य को पांच घंटे निर्धारित किया गया है। श्री मलिक ने कहा कि राज्य में लागू बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 के तहत अबतक निवेश के 652 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, जिसमें करीब 5000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें से अबतक 55 इकाइयों को कुल 954 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रोत्साहन की मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों का विकास करने के उद्देश्य से लागू किये गये तीसरे कृषि रोडमैप (2017-22) में जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए इनपुट अनुदान की व्यवस्था के साथ ही जैविक कॉरिडोर बनाने की कार्रवाई पूरी की जा रही है। सब्जियों के व्यापार में निवेश के लिए राज्य के सहकारी क्षेत्र के जरिये सब्जी संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन की त्रिस्तरीय व्यवस्था की जा रही है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने समावेशी विकास के लक्ष्यों के साथ कभी समझौता नहीं किया है। साथ ही आपदा पीड़ितों को राहत एवं बचाव की हरसंभव मदद पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। आपदाओं से निपटने के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण रोडमैप तैयार करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान बचाव कार्य करके पीड़ितों को राहत पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार करते हुये प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल एवं जिला अस्पताल एक क्रियाशील स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि राजधानी पटना इंदिरा गांधी अायुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा प्रारंभ हो गई है तथा पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में भी इसकी स्थापना की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। आईजीआईएमएस में कैंसर संस्थान की स्थापना की जा रही है और शीघ्र ही यहां लीवर प्रत्यारोपण की सुविधा भी प्रारंभ होगी। श्री मलिक ने कहा कि बिहार गौरवशाली इतिहास और संपन्न विरासत से परिपूर्ण है। सरकार का कला, संस्कृति एवं पर्यटन क्षेत्र के संवर्द्धन पर विशेष ध्यान है। पिछले वर्ष गुरू गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व का शुकराना समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2017-18 को ‘चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह’ के रूप में मनाया जा रहा है। वहीं, 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह के 160वें विजयोत्सव के अवसर पर 23 से 25 अप्रैल 2018 तक तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजना किया जाएगा। उन्होंने राज्यवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामना देते हुये कहा कि राज्य में सभी जाति, धर्म और संप्रदाय के अनुकरणीय समन्वय है। सरकार की कामना है कि समाज में सद्भाव एवं भाईचारा का माहौल कायम रहे।
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