लखनऊ : मज़दूर जागरूकता अभियान का समापन समारोह - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 27 फ़रवरी 2018

लखनऊ : मज़दूर जागरूकता अभियान का समापन समारोह

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लखनऊ 27 फरवरी।  मज़दूर जागरूकता अभियान का समापन समारोह आई0 सी. सी. एम. आर. टी. प्रेक्षागृह, से0-25, इन्दिरा नगर चैराहे, लखनऊ में आयोजित किया गया।  मज़दूर जाहरूकता अभियान संगठन के साथियों द्वारा (8 से 23) फरवरी 2018 से विज्ञान फाउण्डेषन एवं एक्षनएड के संयुक्त तत्वाधान में लखनऊ शहर के 24 लेबर अड्डों पर श्रमिक साथियो को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया गया, जिसका मुख्य उदेय सभी लेबर अड्डो पर खडे रहने वाले मजदूर बहन भाईयों को उनके अधिकार व हक के प्रति जागरूक करना था। 24 लेबर अड्डों पर संगठन साथियों के सघन प्रयास से लगभग 10000 से 12000 मजदूर साथियों तक उनके हक की बात पहुॅचायी गयी साथ ही लगातार संगठन सदस्यों के द्वारा लेबर अड्डो पर मूलभूत सुविधाओं के लिए आवाज उठाई जा रही है। सभी लेबर अड्डो पर सबसे ज्यादा महिला साथियों ने अपनी बात व समस्याओं को साझा किया है, काम के दौरन अड्डे पर उन्हे 2 से 3 घण्टे का समय देना पडता है उस दौरान महिला साथियों को शौचालय की समस्या का सामना करना पडता है और काम के स्थान पर भी ऐसी समस्याओं से रोज झेल रही है लेकिन किसी से साझा नही कर पाती। भवन निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री अभय प्रताप सिंह  ने श्रमिक साथियों  को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयासों से लेबर अड्डों पर खङे होने वाले श्रमिकों  को जहाँ पंजीकरण व सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी नही होती है। वहीं मजदूर जागरूक होकर योजनाओं तक पहुँच रहा है और ज्यादा से ज्यादा अपने अधिकारों के प्रति समझ विकसित कर रहा है। इस तरह के अभियान निरन्तर लेबर अड्डेंा पर चलाया जाए जिससें ज्यादा से ज्यादा श्रमिको तक जानकारी पहुचे। ओ0 पी0 मौर्या श्रम परिवर्तन अधिकारी, श्रम विभाग लखनऊ ने कहा कि मजदूर वर्ग निर्माण क्षेत्र का सबसे बङा हिस्सा है लेकिन अफसोस जागरूकता न होने के कारण अपने अधिकारों और सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं से वंचित रह जाते है। हम सभी को ज्यादा से जयादा मजदूर तक पहुॅचनें व उन्हे जागरूक करने की जरूरत है तभी एक बङा परिवर्तन दिखेगा। जागस्कता अभियान हर श्रमिक के पास आवाज पहुॅचाने का सबसे बेहतरीन माध्यम है और आने वाले समय में प्रयास रहेगा कि हर श्रमिक भवन व अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड के अन्र्तगत पंजीकृत होकर लाभ ले सके।

ताहिरा हसन, एपवा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साथियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे ही ताकत और मेहनत की बहुत जरूरत है हमारी महिला मजदूर साथी काम के तलाष मे अपने घर से लेबर अड्डे पर घण्टों खङी रहती है उस दौरान शौचालय की समस्या का सामना रोज करना पङता है लेकिन मजबूरी यह कि साझा किससे करे है? साथ ही उसकी असुरक्षा पर भी सवाल रहता है सरकार को सबसे पहले इस समस्या पर पहल करने की जरूरत है। विभूति प्रसाद चैहान, सामाजिक कार्यकर्ता ने उपस्थित सभी श्रमिक साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार का प्रयास संस्था व विभिन्न संगठनो द्वारा किया गया है उससे लेबर अड्डों पर खडे होने वाले श्रमिक वर्ग मे जागरूकता तो आ रही है साथ ही एक मंच भी मिल रहा है जहाॅं सभी अपनी समस्याओं को साझा कर सकतें है। सभी श्रमिक भाई व बहनों को जरूरत है कि संगठन से जुडकर आगे बढे और अपनी माॅंगो को सरकार के सामने एकजुट होकर रखें। 

अभियान की मुख्य मांगें-
प्रदेश के सभी लेबर अड्डों को चिन्हित कर उन पर मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी,छाया,षौचालय की व्यवस्था की जाए। लेबर अड्डों पर नियमित कैंप लगाकर श्रमिकों का पंजीकरण किया जाए। श्रमिको की न्यूनतम पंेषन 5000 रू0 प्रतिमाह घोषित की जाए। श्रमिको की न्यूनतम मजदूरी 500 रू0 प्रतिदिन की जाए। ल्ेाबर अड्डो के नजदीक रेन बसेरों का निर्माण कराया जायें। कार्यक्रम में उपरोक्त अतिथियों के साथ साथ बिरला फाउण्डेषन से सुधीर सिंह, सी0 पैट से ज्ञानेन्द्र गुप्ता, पैक्स से प्रषांत कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संगठन के सचिव रामनाथ ने किया।
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