मनुषमारा योजना से सीतामढ़ी को मिलेगी बाढ़ से मुक्ति : नीतीश कुमार - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2018

मनुषमारा योजना से सीतामढ़ी को मिलेगी बाढ़ से मुक्ति : नीतीश कुमार

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सीतामढ़ी 15 फरवरी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि मनुषमारा जल निस्सरण योजना का कार्य पूरा होने से सीतामढ़ी जिले के लोगों को बाढ़ और जलप्लावन जैसी समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। श्री कुमार ने यहां बाढ़ प्रबंधन एवं जल निस्सरण योजना के तहत 144.90 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं लखनदेई नदी की पुरानी धार का पुनर्स्थापन कार्य, मनुषमारा जल निस्सरण योजना और रातो नदी पर नो मेंस लैंड से निसा रोड तक तटबंध निर्माण कार्य का रिमोट से शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि मनुषमारा योजना से सीतामढ़ी जिले के लोगों को बाढ़ और जलप्लावन की समस्या से निजात मिल जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल में तटबंध बन जाने कारण हर वर्ष बरसात के दिनों में सीतामढ़ी और शिवहर बाढ़ की विभीषिका से जूझता रहा है लेकिन इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को इससे निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि लखनदेई नदी की पुरानी धार बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस नदी की धार सूख जाने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा था लेकिन इस योजना के पूर्ण होने पर न सिर्फ नदी की पुरानी धार पुनर्स्थापित होगी बल्कि सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि मनुषमारा जल निस्सरण योजना का काम अगले 3 महीने में 15 मई 2018 तक पूरा हो जाएगा। वहीं, रातो नदी पर नो मेंस लैंड से निशा रोड तक तटबंध निर्माण और लखनदेई नदी की पुरानी धार के पुनर्स्थापन का कार्य 31 मार्च 2019 तक पूरा करने का जल संसाधन विभाग ने आश्वासन दिया है।

श्री कुमार ने कहा कि सरकार जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का निश्चय है हर घर तक नल का जल, हर घर में शौचालय निर्माण, हर घर में बिजली कनेक्शन और हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण और इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हर गांव तक बिजली पहुंचा दी गई है और जो टोले बचे गये हैं, वहां तक इस साल के अप्रैल तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। इसके अलावा इस वर्ष के अंत तक हर इच्छुक परिवार को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को खुले में शौच से मुक्ति और स्वच्छ पीने का पानी मिल जाय तो 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक पेंशन पैसे का तत्काल प्रबंध कर दिया गया है। अगले वर्ष इसके लिए बजट में ही प्रावधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद शराब से होने वाली तबाही और बर्बादी से लोगों को छुटकारा मिला है, लेकिन अभी भी लोगों को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि कम उम्र में गर्भधारण करने से अधिकांश महिलाएं मौत की शिकार हो जाती हैं। उनसे जो बच्चे पैदा होते हैं वे बौनेपन, मंदबुद्धि के शिकार होने के साथ-साथ कई बीमारियों की चपेट में भी आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा से भी छुटकारा पाना है। इस वर्ष 21 जनवरी को पूरे बिहार में 14 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला में सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का जिनलोगों ने संकल्प लिया है, उस पर डटे रहने की जरूरत है ताकि दहेज और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं को खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि ये सामाजिक कुरीतियां समाज को दुष्प्रभावित करने के साथ ही लोगों की मानसिकता को भी दूषित करती है इसलिए सबका सहयोग मिले और लोगों में जागृति आये तो विकास के साथ इन सामाजिक कुरीतियों को खत्म करके बिहार अपने गौरवमयी अतीत को पुनः प्राप्त करने में कामयाब होगा।

समारोह को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, नगर विकास एवं आवास मंत्री सह सीतामढ़ी जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, सांसद रामकुमार शर्मा, सांसद रमा देवी, विधायक डॉ. रंजू गीता और विधायक दिनकर राम ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधान पार्षद देवेश चन्द्र ठाकुर, विधायक गायत्री देवी, पूर्व मंत्री सुनील कुमार पिंटू, पूर्व विधायक गुड्डी चौधरी, तिरहुत प्रमंडल आयुक्त एच. आर. श्रीनिवास, तिरहुत प्रक्षेत्र पुलिस उप महानिरीक्षक अनिल कुमार, जिलाधिकारी राजीव रौशन, पुलिस अधीक्षक हरि प्रसाद एस. सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।
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