जनअधिकार पदयात्रा साम्प्रदायिक फासीवादी-मनुवादी भाजपा को गद्दी से उतार फेंकने के लिए: दीपंकर - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018

जनअधिकार पदयात्रा साम्प्रदायिक फासीवादी-मनुवादी भाजपा को गद्दी से उतार फेंकने के लिए: दीपंकर

  • बिक्रमगंज से चली यात्रा आरा, गया व अरवल की यात्रा जहानाबाद, दरभंगा से चली यात्रा मुजफ्फरपुर पहुंची. बिहारशरीफ से आज चैथा जत्था पटना की ओर रवाना.

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भाजपा भगाओ-बिहार बचाओ, लोकतंत्र बचाओ-देश बचाओ के नारे के साथ भाकपा-माले द्वारा आयोजित जनअधिकार पदयात्रा भीषण गर्मी व अन्य संकटों का सामना करते हुए लगातार पटना की ओर बढ़ रही है. आज बिहारशरीफ से चैथा जत्था भी पटना की ओर कूच कर गया है.  भाकपा-माले के राष्ट्रीय महासचिव का. दीपंकर ने आज आरा का दौरा किया और बिक्रमगंज से आने वाली यात्रा का स्वागत किया. उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता काॅ. स्वेदश भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल आदि नेता शामिल थे.  इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भाजपा के पास नफरत, गुंडागर्दी, उन्माद और उत्पात के अलावा और कोई दूसरा विचार नहीं है। बिहार में भी भाजपा यही कर रही है। नीतीश कुमार ने जनादेश के साथ गद्दारी करके भाजपा को नफरत की खेती करने की छूट दे रखी है। कहा कि भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के साथ-साथ उसकी राजनीति को खारिज करने के लिए जनता की बड़ी गोलबंदी की तैयारी में लगी है। बिहार में भाकपा-माले की ओर से जनाधिकार पदयात्राएं निकली हैं। 1 मई को मजदूूर दिवस के दिन पटना में जनाधिकार महासम्मेलन होगा। का. दीपंकर ने यह भी कहा कि 5 मई को कार्ल मार्क्स की 150वीं जयंती है, उस दिन भाकपा-माले गांव-गांव में उन पर कार्यक्रम करेगी। बदलाव की लड़ाई के लिए मार्क्स के विचार बेहद जरूरी हैं। का. दीपंकर ने यह भी कहा कि 5 मई को कार्ल मार्क्स की 200 वीं जयंती है, उस दिन भाकपा-माले गांव-गांव में उन पर कार्यक्रम करेगी। बदलाव की लड़ाई के लिए मार्क्स के विचार बेहद जरूरी हैं। 

माले महासचिव का. दीपंकर ने कहा कि 23 अप्रैल से जनाधिकार पदयात्रा जारी है। गांवों में भारी संकट हैं, पर सरकारें इस संकट से बेखबर हैं। बिहार मेें सरकार ने शराबबंदी कानून के नाम पर गरीब-दलित लोगों को जेलों में डाल दिया है, जबकि शराब माफियाओं को खुली छूट मिली हुई है। दलित उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हुई हैं। गरीब, किसान, मजदूर, दलित, महिला, अल्पसंख्यक, छात्र-नौजवान सबके भीतर भारी आक्रोश है। वे अपने लोकतांत्रिक सवालों को लेकर लड़ न सकें इसीलिए भाजपा उन्माद और उत्पात की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए भी है कि भाजपा 2014 में किए गए एक भी वायदे को पूूरा नहीं कर सकी है। उसके सारे वायदे जुमले साबित हुए हैं। लोग समझ चुके हैं कि वह सिर्फ समाज को बर्बाद करने वाली पार्टी है। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। एससीध्एसटी कानून की जो सुरक्षा थी उसे और आरक्षण के प्रावधान को तरह-तरह से खत्म करने की साजिश की जा रही है। भाजपा-आरएसएस द्वारा सिर्फ लेनिन ही नहीं, बल्कि अंबेडकर और पेरियार की मूर्तियां भी तोड़ी जा रही हैं। इसलिए मामला विचारधारा के देशी-विदेशी होने का ही नहीं है, बल्कि जो राजनीति समाज और लोकतंत्र का विनाश कर रही है।  उन्होंने कहा कि जिस शासन में बलात्कार की घटनाओं की बाढ़ आ गई है और बलात्कारियों को जिसका राजनैतिक संरक्षण मिल रहा है, असल मामला उस राजनीति को शिकस्त देने का है। उन्होंने यह भी कहा कि 2 अप्रैल के अभूतपूर्व भारत बंद में शामिल लोगो को सरकार जानबूझकर निशाना बना रही है। उन्होंने सांप्रदायिक फासीवादी और मनुवादी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान करते हुए कहा कि भीषण गर्मी और शादियों की व्यस्तता के बावजूद गांव के लोग सड़कों पर संघर्ष के लिए उतरे हैं, उनका संघर्ष निर्णायक साबित होगा। आरा से पहले तेतरिया में ग्रामीणों द्वारा स्वागत के बाद कॉ. दीपंकर भट्टाचार्य, कॉ. स्वदेश भट्टाचार्य व कुणाल पदयात्रा में शामिल हुए।

बिहारशरीफ से आरंभ हुआ चैथा जत्था
आज बिहारशरीफ के श्रमकल्याण केंद्र मैदान(अस्पताल चैराहा) से नालन्दा और नवादा जिले के पदयात्रियों की ‘भाजपा भगाओ, बिहार बचाओ-जनअधिकार पदयात्रा’ अपराहन 3 बजे प्रारम्भ हुई और रांची रोड, भराव चैराहा, रामचंद्रपुर होते देवीसराई चैराहे पर स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस अवसर पर नालन्दा और नवादा जिले के पदयात्रियों का स्वागत करते माले केन्द्रीय कमिटी सदस्य व ऐपवा बिहार राज्य सचिव कॉमरेड शशि यादव ने कहा कि आज बिहार में जंहा भी नजर जाती है जनता लाल झंडा लिए सभी जिलों से इस पदयात्रा में शामिल हो अपना हक मांगने निकल पड़ी है जो 1 मई को पटना गांधी मैदान में होने वाले ‘जनअधिकार महासम्मेलन’ में शिरकत कर बिहार और देश मे बेरोक बढ़ती सांप्रदायिक आक्रामकता,बढ़ती लैंगिक-जातीय  उत्पीड़न, बढ़ती मंहगाई, बढ़ी कॉरपोरेट लूट, विरोध की आवाजों का क्रूर दमन, विस्फोटक बेरोजगारी, राज्य उत्पीड़न और राज्य समर्थित निजी स्तर की हिंसा, विश्वविद्यलयों और तमाम शैक्षिक संस्थानों का ज्ञान-अभिव्यक्ति और जनतंत्र की पाठशाला के बजाय भगवा राजनीति का अखाड़ा बनाने और  भाजपा-संघ के फासिस्ट हिन्दू राष्ट्र की ओर बिहार और हिन्दुस्तान को धकेलने के खिलाफ आवाज बुलंद कर जनता का बिहार और भारत बनाने का आहवान किया है जो फासीवाद की गहराती साया में पूरे देश को प्रेरणा देने का काम करेंगें. उन्होंने कहा कि महिला स्कीम कामगारों जैसे अशाकर्मी, विद्यालय रसोईया, जीविका कर्मी,आंगनवाड़ी कर्मी की हालत काफी बुरी है।इन्हें मामूली मानदेय-प्रोत्साहन राशि पर काम लिया जा रहा है जिससे इन सरकारों का महिला विरोधी रवैया स्पष्ट है। बिहारशरीफ से बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यर्पाण करने के बाद पदयात्रियों का जत्था यहां से परवलपुर के लिए रवाना हो गया जहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन एकंगरसराय ,हिलसा होते पदयात्री पटना जाएंगे। माले महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य 29 अप्रैल की सुबह इस पदयात्रा में हिलसा में शरीक होंगे। बिहारशरीफ में पदयात्रियों का स्वागत इंसाफ मंच नालंदा के सरफराज खान, वरिष्ठ अधिवक्ता इकवालूज जफर, मो नासिर आदि लोगों ने भी किया। बिहारशरीफ से प्रारंभ इस जनअधिकार पदयात्रा का नेतृत्व नालन्दा माले जिला सचिव कॉमरेड सुरेन्द्र राम, नवादा जिला सचिव नरेंद्र कुमार सिंह, मनमोहन, भोलाराम, उमेश पासवान,पाल बिहारी लाल, रामधारी दास, सुनील कुमार, ऐपवा नेत्री सुदामा देवी, सावित्री देवी, सफाईकर्मी संघ राजगीर के छोटू डॉम, आइसा के नालंदा जिला संयोजक जयंत के अलावा नालन्दा और नवादा के सभी जिला कमिटी सदस्य कर रहे हैं।

दरभंगा से चली पदयात्रा आज मुजफ्फरपुर पहुंची.
दरभंगा से चली जनअधिकार पदयात्रा का पड़ाव 26 अप्रैल की रात बोचहां उच्च विद्यालय परिसर में था। अहले सुबह पदयात्री नित्य क्रिया से निवृत्त होकर यात्रा पर निकल गए। पाटिया पंचायत के नागरिकों की ओर से गांव के लीची गाछी में नास्ते की व्यवस्था हुई थी। पटिया शा चैक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पदयात्रा की अगुवाई दरभंगा से कर रहे माले के केंद्रीय कमिटी के सदस्य सह खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा ने कहा कि मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था, बैंक, रोजगार, कारोबार और सामाजिक माहौल को बर्बाद कर दिया है। सरकार देश पर बोझ बन गयी है,इस बोझ को उताड़ने से ही राष्ट्र की भलाई है। बखरी चैक पर पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया और वहां से मार्च अहियापुर गांव पहुंचा। वहां ग्रामीणों की और से पदयात्रियों को भोजन कराया गया। राज्य कमिटी के सदस्य शत्रुघ्न सहनी, रामबालक सहनी, रामनंदन पासवान, संतोष सहनी, पूर्व सैनिक एल बी यादव आदि ने किया।पदयात्रियों का दल शहीदे आजम भगत सिंह की मूर्ति,जीरो मील पहुंचा। धीरेन्द्र झा, मीणा तिवारी, सत्यदेव राम, बैद्यनाथ यादव, अभिषेक कुमार आदि ने भगत सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। जीरो माइल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के केंद्रीय कमिटी के सदस्य और ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि भगत सिंह के सपनों के हिंदुस्तान को मोदी सरकार नेस्तनाबूद करने पर तुली है। शिक्षा-रोजगार के सारे अवसर खत्म किये जा रहे हैं और उन्माद-पाखंड का विष घोला जारहा है। उन्होंने नौजवानों से नफरत नहीं अधिकार चाहिए, शिक्षा और रोजगार चाहिए नारे को बुलन्द करना चाहिए। पदयात्रियों का काफिला शहर में मार्च करते हुए अखड़ाघाट पहुंचा जहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अभिषेक कुमार और बैद्यनाथ यादव ने कहा कि तीन दिनों से पदयात्रा करते हुए जनता से मिलते हुए हमने पाया कि जनता मोदीराज से मुक्ति चाहती है। पदयात्रा का कारवां दिनभर शहर में चलता रहा और पदयात्रियों ने शहीद खुदीराम बोस और बाबा साहेब अम्बेडकर की मूर्तियों पर फूलमाला चढ़ाया।कंपनीबाग में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए माले विधायक सत्यदेव राम ने कहा कि इस ऐतिहासिक पदयात्रा ने दलित-गरीबों में हौसलाआ फजाई की है और अक्लियतों में यह विश्वास पैदा किया है कि भारत में लोकतंत्र जिन्दा है। इसके साथ ही इसके साथ ही ब्रह्मपुरा, मोतीझील,कल्याणी आदि जगहों पर सभाएं हुई।सैकड़ों संख्या में मौजूद पदयात्री शहर में ही रात्रि विश्राम करेंगे और कल पटना के लिये प्रस्थान करेंगे। भाकपा माले के महासचिव आज ही देर रात मुजफ्फरपुर पहुंचेंगे और सुबह पदयात्रियों को रवाना करेंगे तथा मीडिया को संबोधित करेंगे. कॉ खुदीराम बोस के साथ प्रफुल्ल चाकी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया. मुजफ्फरपुर के जीरो माइल चैक पर शहीदे-आजम भगत सिंह के मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। पद यात्रियों की ओर से शहीदे आजम भगत सिंह की मूर्ति पर भाकपा(माले) के केंद्रीय कमिटी सदस्य कॉ धीरेन्द्र झा, कॉ मीना तिवारी, खेग्रामस के सम्मानित राज्य अध्यक्ष सह विधायक सत्यदेव राम, राज्य स्थायी समिति सदस्य बैद्यनाथ यादव, राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, शत्रुध्न सहनी,ऐपवा नेत्री शनिचरी देवी, चास-वास् बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा के मोनाजिर हसन आदि ने माल्यार्पण किया। चैक पर नुक्कड़ सभा हुयी जिसे सत्यदेव राम, कॉ मीना तिवारी और धीरेन्द्र झा ने संबोधित किया।

गया से चली यात्रा जहानाबाद पहुंची
गया से चली जनअधिकार पदयात्रा आज जहानाबाद पहुंच गई. इस पदयात्रा में आज अरवल के भी साथी शामिल हो गए. जहानाबाद जिले के साथियों ने गया व अरवल से आने वाली पदयात्राओं का स्वागत किया और फिर कारवां एक साथ आगे बढ़ चला. पदयात्रा टेहटा, सरथुआ, मई हाॅल्ट, होते जहानाबाद पहुंची. इस पदयात्रा का नेतृत्व पार्टी की राज्य स्थायी समिति के सदस्य महानंद, निरंजन कुमार, रीता बर्णवाल, रामबलि प्रसाद, रामाधार सिंह, श्रीनिवास शर्मा आदि नेता कर रहे हैं. इस बीच पदयात्रियों ने बाबा साहेब भीमर ाव अंबेदकर और भगत सिंह की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया.
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