बिहार : वर्तमान परिवेश में मिशनरी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि करने की मांग जायज - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 26 अप्रैल 2018

बिहार : वर्तमान परिवेश में मिशनरी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि करने की मांग जायज

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बरबीघा. आज भी ईसाई मिशनरियों के समक्ष काम करने वाले श्रमिकों को अल्प मजदूरीनुमा वेतन मिलता है. आप सीधे समझ लें कि बिहार सरकार के द्वारा समय-समय पर न्यूनतम मजदूरी निर्धारित कर घोषित करती है.सरकार के द्वारा घोषित  न्यूनतम मजदूरी को पल्ली में कार्यरत कर्मियों को वेतनमान के रूप में परोस दिया जाता है.आप इस वेतनमान को चुनौती नहीं दे सकते हैं. आप से कहा जाएगा कि सरकार के द्वारा घोषित कुशल,अर्द्धकुशल और अतिकुशल मजदूरों को मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी दे रहे हैं. बरबीघा निवासी व पटना में कार्यरत विकास बर्नड नामक शख्स कहते है कि मेरे पिताजी का वेतन हजार रू.था. 16 साल काम किये.पेंशन का प्रावधान नहीं है.हां भविष्य निधि व ग्रेच्यूटी की राशि.कहते हैं ग्रेच्यूटी की राशि जरूर मिली.वह पिताजी का हक की राशि थी. मिशन से जो सहयोग मिला वह सिर्फ एक माह का वेतन. वह भी बोलकर मिला कि हमलोग सहायता कर रहे हैं.लाचारी के कारण कर्मी पूर्णत:मिशन पर आश्रित हैं.बरबीघा मिशन में  15 लोग काम करते हैं.

इतनी होगी न्यूनतम मजदूरी
सातवें वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों की सैलेरी इतनी बढ़ गई है कि प्राइवेट कर्मचारी सालों पीछे चले गए हैं. पर चिंता की कोई बात नहीं, अब प्राइवेट कंपनियों, दुकानों, प्रतिष्ठानों में काम करने वालों की सैलेरी भी बढ़ने वाली है. सबकुछ सही रहा तो प्राइवेट कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी (Minimum Salary) 10000 रुपए होने वाली है। सही पढ़ रहे हैं आप, सरकार ने इसका खाका तैयार कर लिया है. श्रम मंत्रालय ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। सरकारी भाषा में कांट्रेक्ट वर्कर्स के लिए दिए जाने वाला न्यूनतम वेतन कहा जा रहा है। यानि कि संविदा पर काम करने वाले अंशकालिक कर्मचारी. राज्य सरकार ने पहली अप्रैल से विभिन्न कोटि की न्यूनतम मजदूरी में तीन फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है. श्रम संसाधन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है. परिवर्तनशील मंहगाई भत्ते में सात से लेकर 255 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है. नियोजकों को पहली अप्रैल से अपने कामगारों को बढ़ी ही दर पर भुगतान करना होगा. 66 तरह के नियोजनों में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की गयी है. न्यूनतम मजदूरी में इसके पहले पिछले साल एक अक्टूबर को बढ़ोतरी हुई थी. अकुशल मजदूरों को अब न्यूनतम मजदूरी अब 244 से 254 रुपये होगी. अर्द्धकुशल को 254 से 265, कुशल को 311 से 322 और अति कुशल को 378 से 392 रुपये प्रतिदिन और पर्यवेक्षीय तथा लिपिकीय कोटि के कामगारों को प्रति महीना 7003 से 7286 रुपया मिलेगा. घरेलू कामगारों को अलग-अलग काम के लिए अब 757 रुपये से लेकर 6049 रुपये प्रतिमाह मिलेगा. कृषि कार्य में 244 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलेगा. ट्रैक्टर ड्राइवर को 8753 रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान.
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