दुमका : उपाध्यक्ष पद चुनाव में डीजल पम्प के आगे कोई नहीं - Live Aaryaavart

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बुधवार, 11 अप्रैल 2018

दुमका : उपाध्यक्ष पद चुनाव में डीजल पम्प के आगे कोई नहीं

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन), 11 अप्रैल, नगर पर्षद चुनाव में आप का रुझान जानना चाहता हूँ चचा जी, क्या लग रहा है ? उपाध्यक्ष  किसे बनाना चाहिए ?  कई प्रत्याशी अपना-अपना  भाग्य आजमा रहे ?  इमर्तबा दुय्यो सीट लगभग किलयरे बा।  आपको तो खुदे पता होगा।  हमनी के  मन टटोल रहल बनी का...???  सुनेलॅं चहतनी त बताइये देतनी डीजल पम्प छाप बहुमत से जीती। दूर-दूर तक ओकर कोई जोड़ नय खे। मर्द आदमी बा ई चुनाव चिन्ह वाला। डीजल पम्प छाप वाला बाबू के भगवान लम्बा उमर देहीं। ओकर दरवज्जा पर जेहे जा ला, गदगद मन लौटेगा। मान-सम्मान के तो बाते जुदा बा। ओकरा छोड़ के एक्को गो ना भला आदमी देखाएला । मसोमात, गरीब, मालूम, औरत-मरद, रिक्शा, ठेला, टमटम सभेके इज्जत एक समान बा उन्हकर दरवार में। आज तक ओकर मुँहॅ से एगो खराब शब्द नै निकललॅ छे, पड़ोस की एक खोरठा भाषी महिला ने बीच में टोकते हुए कहा। भौजी खुलकर काहे नहीं बोलते हैं ? साफ-साफ बोलबे करिछिये भैया, शादी-बियाह हो चाहे परव-त्योहार। पूजा-पाठ हो चाहे जनम-मरनी हो। अपन दरवज्जा से केकरो खाली हाथ नय लौटेले छे। कुछु हो जाए डीजल पम्प छाप छोड़िके केकरो वोट नय देबे। आपके मुहल्ले के अन्य लोगों का रुझान किस ओर है ? सब एके बात बोले छे डीजल पम्प। टीन बाजार चैक, वीर कुंवर सिंह चैक, सिदो कान्हु मुर्मू (बड़ा बांध तालाब) चैक, खूटा बांध, रसिकपुर, शिवपहाड़, डंगाल पाड़ा, ग्रांट एस्टेट, नापित पाड़ा, मुहल्ला हो या फिर मारवाड़ी मुहल्ला व नयापाड़ा रोड। एलआईसी काॅलोनी हो या फिर विरसा चैक। हर तरफ नगर पर्षद उपाध्यक्ष पद के लिये लोग डीजल पम्प छाप पर बटन दबाने को तत्पर दिख रहे लोग। इस कतार में खड़े अन्य लोगों में शीर्ष पर एक ही चुनाव चिह्न का नाम है और वह है डीजल पम्प छाप।  शिष्ट आचरण, गरीब-गुरुवों की मदद करने वाला, दीन-दुखियों की समस्याओं से उन्हें उबारने वाला कोई है तो वह है डीजल पम्प छाप वाला उम्मीदवार, जिसका चेहरा हर एक की जुबान पर रचा-बसा है। ग्रांट स्टेट में एक बुजुर्ग ने नाम न  छापने की शर्त पर कहा देखिये नगर पर्षद से कोई खास लेना-देना  है नहीं, किन्तु हरेक वर्ष खूटा बांध में छठ पूजा की जो  व्यवस्था रहती है,  छठव्रतियों की आत्मा को तृप्त कर जाती है।  पर्व के दौरान पूरा घाट स्वच्छ व पवित्र रहता है। उपाध्यक्ष पद डीजल पम्प छाप प्रत्याशी का व्यक्तित्व, परिश्रम, आर्थिक सहायता और दरियादिली। चुटोबाबा उन्हें खुश रखें, आबाद रखें। कचहरी चैक पर ज्योतिष चाय-पान की दूकान पर खड़ा हूँ। नगर पर्षद अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष / वार्ड पार्षदों के चुनाव को लेकर चर्चाएँ गर्म चल रही है। वकीलों-मुवक्किलों से लेकर कोर्ट - कचहरी में जाने-आने वालों के बीच कोई अध्यक्ष पद की चर्चा कर रहा है, तो कोई उपाध्यक्ष पद की। वार्ड पार्षदों के लिये खड़े प्रत्याशियों में कौन बेहतर है की चर्चा भी चाय की चुस्कियों में शामिल है। कोई शहर में मुद्दों को लेकर आम बहस में शामिल है। कई दिनों से देश-दुनिया की खबरों से अलग लोग दुमका नगर पर्षद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व वार्ड पार्षदों की चर्चा में ही मग्न हैं। एक जागरूक मतदाता से पूछा गया कि अध्यक्ष पद किसके हिस्से में जाएगा ? उसका जबाव सुनिए- देखिये मुकाबला चारपाई (खटिया) और कमल के बीच ही है। फलों से भरी टोकरी को भी कम नहीं आँकिये। रौनियार समाज गोलबंद होता जा रहा है। झाड़कर सब वोट डाल देगा तो फिर खेल रोमांचक ही हो जाएगा। कमल पूरा जोर आजमाईश कर रहा है। रघुवर दास का दौरा कितना वाजिब है यह 16 अप्रैल को पता चल ही जाएगा।  और चारपाई ......? इस बार नहीं तो फिर कभी नहीं। चारपाई अभी तक कमल पर भारी है।  ठीक है यह तो हुई बात अध्यक्ष पद को लेकर। उपाध्यक्ष पद के लिये माहौल किसके समर्थन व किसके विरुद्ध है ? उपाध्यक्ष पद के लिये तो डीजल पम्प छाप वाले उम्मीदवार के अलावे कोई विकल्प ही नहीं है। पढ़ा-लिखा, तेज-तर्रार आदमी है। नगर पर्षद में उसका जो रिपुटेशन है किसी और का नहीं है। खिचड़ीपरास दूकान हो, या फिर व्यवसायी वर्गं।  बुद्धिजीवी समाज हो या कम पढ़े-लिखे लोगों का समाज।  वकिल, डाॅक्टर या आम आदमी हो या फिर चाट-पकोड़ा, मुड़ी-घुघनी बेचने वाला। दिमाग में सबका सेट है। किसे वोट देना है। कौन नगर परिषद् दुमका को एक बेहतर सेवा प्रदान कर सकता है।  चाय दूकानदार कहता है-देखिए आदमी चाहे जितना खड़ा हो जाए। नम्बर वन पर डीजल पम्प छाप ही रहेगा।  सैकड़ों लोग प्रतिदिन उसी की चर्चा करते हैं। अब आप ही अनुमान लगा लीजिए कौन रेस में आगे है और कौन पीछे। कमल फूल छाप ......? देखिए लड़ने के लिये सब लड़ता है। किसी को पैसा है तो दिल नहीं। कोई वोटर को गुमराह कर वोट लेना चाहता है तो कोई पूरी उम्र चमचागिरी कर अपना उल्लू साधना चाहता है। किसकी मुसीबत में कौन, कब और कहाँ काम आता है देखना चह चाहिए। मेरे ख्याल से तो डीजल पम्प छाप उम्मीदवार के अलावे उपाध्यक्ष पद का कोई बेहतर दावेदार हो नहंी सकता।  
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