बिहार : परिजन की मनमर्जी पर जिंदगी - Live Aaryaavart

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बुधवार, 16 मई 2018

बिहार : परिजन की मनमर्जी पर जिंदगी

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दानापुर. दानापुर अनुमंडल क्षेत्र में है कौथवा ग्राम पंचायत.इस पंचायत के मुखिया है रामाशीष राय. मुखिया पिता  के पुत्र रीतलाल यादव जो एम. एल. सी. पिता व बेटा के कार्यक्षेत्र कौथवा मुसहरी में रहने वाले महादलित  मुसहर समुदाय का विकास व कल्याण अवरूद्ध है. हालांकि कई दशक से महादलित रहते हैं मगर इनकी फटेहाली जिंदगी बरकरार हैं.  यहां के लोगों ने कहा कि गैर सरकारी संस्था 'मंथन'  द्वारा बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा दी जाती है.मंथन संस्था द्वारा काफी मथने के बाद  कौथवा मुसहरी से आजतक केवल एक लड़का शंकर कुमार व लड़की शोभा कुमारी ही मैट्रिक उर्तीण हो पाये हैं. मैट्रिक उर्तीण शोभा कुमारी कहती हैं कि पढ़-लिखकर 'आई.पी.एस.' बनेंगे.परंतु शोभा 'आई.पी.एस.' का मतलब नहीं बता सकी.दोनों लड़का-लड़की विपरित परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण किये हैं. चुल्हाई चक मुसहरी से पूनम कुमारी आयी थीं.वह शोभा के साथ ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ती हैं. शोभा और पूनम ने कहा कि हमलोग काफी पिछड़ गये हैं.हम दोनों ने मिलकर बच्चों को पढ़ाने का प्रयास करते हैं मगर सफल नहीं हो रहे हैं.हमारे पूर्वज व अभिभावक मेहनत की रोटी खाते हैं,अभी तक शिक्षा की रोटी खा नहीं सक रहे हैं.इस लिये बच्चों को पढ़ाने को लेकर ध्यान नहीं देते हैं. अब परिजनों की मनमर्जी हैं कि आगे पढ़ाते हैं कि विवाह करा देते हैं.
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