चुनाव आयोग भ्रष्ट संस्था : उद्धव ठाकरे - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 1 जून 2018

चुनाव आयोग भ्रष्ट संस्था : उद्धव ठाकरे

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मुंबई, 31 मई, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे गुरुवार को चुनाव आयोग (ईसी) पर जमकर बरसे। उन्होंने चुनाव आयोग को एक 'भ्रष्ट संस्था' बताते हुए देश में चुनाव कराने में 'अव्यवस्था' के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि शिवसेना भविष्य के सभी चुनाव बिना किसी गठबंधन के अकेले लड़ेगी।  उद्धव ठाकरे ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में ईसी अधिकारियों की जानकारी में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। उद्धव ठाकरे ने कहा, "पालघर में चुनाव और मतगणना पूरी तरह से मजाक थी। चुनावों के बाद, रातोरात लगभग 100,000 मत कैसे बढ़ गए? हमें इसका सबूत चाहिए .. इसमें धोखा है।" उन्होंने कहा कि शिवसेना ने अपने उम्मीदवार श्रीनिवास वंगा के करीब 29,000 वोटों के अंतर से हारने के बाद फिर से मतगणना की मांग की है। उद्धव ठाकरे ने कहा, "बाद के चरणों की गिनती में शिवसेना के मत अचानक से कई हजार पीछे हो गए..यह कैसे संभव है? हमने फिर से मतगणना की मांग की है , लेकिन हमें नहीं उम्मीद है कि ईसी इस पर ध्यान देगा।" उन्होंने कहा कि शिवसेना की पालघर में हार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा चुनाव की संध्या पर दिया गया 'साम, दाम, दंड व भेद' का बयान है, जो हमें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, "हमने पहली बार पालघर में चुनाव लड़ा, हमारे पास खास तौर से दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों में एक उचित पार्टी का ढांचा नहीं था। फिर भी हमने भाजपा को कड़ी टक्कर दी।" 

चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अब सभी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग व उसके कामकाज के खिलाफ अदालत में चलना चाहिए। इसके काम से लोगों के दिमाग में संदेह पैदा हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्य निर्वाचन आयुक्त का देश में चुनाव तंत्र पर नियंत्रण है या नहीं और उन्होंने जिक्र किया कि कैसे ईवीएम अचानक से चुनाव प्रक्रिया के दौरान बीच में खराब हो गईं, मतगणना व दूसरे मामलों में विसंगतियां क्यों हैं।  उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि यह निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को महज नियुक्त करने का नहीं, 'चुनने' का भी समय है, क्योंकि वह अब सत्तारूढ़ दल की कठपुलती बन गए हैं।" उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस बात की कहीं जरूरत तो नहीं आ पड़ी है कि देश में चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया जाए? उन्होंने दोहराया कि शिवसेना भविष्य में सभी चुनाव बिना किसी राजनीतिक दल के साथ गठजोड़ के स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। उन्होंने कहा, "भाजपा को अब दोस्तों की जरूरत नहीं है..हम भविष्य में अकेले चुनाव लड़ेंगे।" राजनीतिक अटकलों के विपरीत शिवसेना प्रमुख ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन या महाराष्ट्र सरकार से बाहर जाने की संभावना पर कोई टिप्पणी नहीं की।
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