बाढ़ के साथ-साथ सुखाड़ से निपटने की तैयारी जरूरी : नीतीश - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 14 जून 2018

बाढ़ के साथ-साथ सुखाड़ से निपटने की तैयारी जरूरी : नीतीश

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पटना, 13 जून, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेहतर प्रबंधन के जरिए किसी तरह की आपदा के प्रभाव को कम करने की जरूरत पर बल देते हुए आज कहा कि हर आपदा से निपटने के लिए तैयारी जरूरी है। श्री कुमार ने यहां बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा किसी के वश में नहीं है लेकिन अपने प्रयास से उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है ताकि लोगों को आपदा का कष्ट कम से कम सहन करना पड़े। उन्होंने संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति की जिलेवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े अधिकारियों से विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “ बाढ़ से बचाव की तैयारी के साथ-साथ संभावित सुखाड़ की स्थिति से निपटने की पूर्ण तैयारी रखनी चाहिए। सुखाड़ की स्थिति में आकस्मिक फसल योजना का लाभ लोगों तक पहुंचे, इसके लिए ध्यान देने की जरुरत है। डीजल अनुदान, नहरों में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना, बिजली की पर्याप्त आपूर्ति, चापाकल की व्यवस्था करने की जरुरत है ताकि सुखाड़ की स्थिति से निपटा जा सके और लोगों को कष्ट न हो। आकस्मिक फसल योजना के संबंध में कृषि विभाग को पूरी तैयारी कर लेने की जरुरत है ताकि लोगों को अधिक से अधिक सहुलियत हो। इस फसल योजना के अंतर्गत और जिन फसलों को शामिल करने की जरुरत है, उसका भी आकलन कर लेना चाहिए।”

श्री कुमार ने डीजल अनुदान वितरण के लिए जिलाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा कि डीजल खरीद में सरकार बिचड़ा एवं खरीफ फसल के लिए पांच बार डीजल अनुदान देती हैं। इस बार डीजल का दाम बढ़ा हुआ है, इसलिए अनुदान की दर बढ़ाकर दी जायेगी ताकि किसानों को डीजल खरीदने में किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो।  मुख्यमंत्री ने कहा, “ बिजली की आपूर्ति भी सुनिश्चित कीजिए ताकि लोगों को सहुलियत हो। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग चापाकल की उपलब्धता एवं उसकी कार्यरत होने की जांच कर लें ताकि लोगों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी संबद्ध विभाग के साथ बैठक कर पशुचारा, सुखा राशन, दवा की पूर्ण तैयारी कर लें। राहत सामग्री का दर निर्धारण एवं आपूर्तिकर्ता सुनिश्चित कर लिये जायें। ” समीक्षा बैठक में सभी प्रमंडल एवं जिलों के वरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। समीक्षा बैठक में संभावित बाढ़ 2018 एवं सुखाड़ की स्थिति से पूर्व की तैयारी के विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की गई।  बैठक के दौरान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से ऋतुकालीन वर्षा से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें यह जानकारी दी गई कि बिहार में आकलित औसत वर्षा (1027.6 मि0मी0) का लगभग 93 प्रतिशत वर्षा इस वर्ष संभावित है। बैठक में प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन प्रत्यय अमृत द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारी से संबंधित पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष दिया गया। 

प्रस्तुतिकरण में बाढ़ की स्थिति में संसाधन मानचित्र, एन0डी0आर0एफ0 सुविधा, तैराकी, गोताखोर, नावों की संख्या, बाढ़ शरणस्थली के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही राहत सामग्रियों का दर निर्धारण एवं आपूर्तिकर्ता का चयन, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, फूड पैकेट्स का पैकेजिंग कार्य, नाव और नाव मालिकों की लंबित मजदूरी मामलों पर भी चर्चा की गई। समीक्षा में मुख्यमंत्री को जल संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें मुख्य रुप से तटों की मरम्मती एवं सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य शिविर के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  बैठक में राज्य में जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, कृषि मंत्री प्रेम कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा, आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस, मुख्य सचिव दीपक कुमार समेत विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव समेत अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा बैठक में सभी प्रमंडल एवं जिलों के वरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। 
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