दुमका : संशोधित भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ विपक्षियों का बंद रहा असरदार - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 5 जुलाई 2018

दुमका : संशोधित भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ विपक्षियों का बंद रहा असरदार

उप राजधानी दुमका में कुल 2231 बंद समर्थकों की हुई गिरफतारी
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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) संशोधित भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ विपक्षियों द्वारा संयुक्त झारखण्ड बंद के आहवान पर उप राजधानी दुमका में झामुमों, काॅग्रेस, सीपीएम, राजद, झाविमों व अन्य दलों के नेताओं ने रघुवर सरकार हाय-हाय के नारे लगाए। नेताओं ने कहा घमंड में चूर सरकार के मुखिया रघुवर दास तानाशाह बन चुके हैं। इनके कार्यों व क्रियाकलापों का जबाव जनता अगले चुनाव में अवश्य देगी। विपक्षी नेताओं ने कहा सरकार आदिवासियों-मूलवासियों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। सत्ता में रघुवर दास को बने रहने का कोई हक नहीं है। दूसरे-दूसरे जिलों व राज्यों की ओर संपर्क पथों पर बंद समर्थक डटे रहे। टीन बाजार व डीसी चैक दुमका में सीपीएम व झामुमों ने सड़कों पर बैठकर अपना विरोध दर्शाया। बंद समर्थकों से निपटने के लिये जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रही। जिला बल सहित बाहर से प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मियों से टीन बाजार, व इंडोर स्टेडियम पटा रहा। 5 जुलाई को संयुक्त विपक्षियों द्वारा झारखण्ड बंद के आहवान का असर दोपहर तक दुमका में भी पूरी तरह देखने को मिला। भारी वाहनों सहित यात्री वाहनों व दोपहिया वाहनों तक सड़क से नदारद थे। दोपहर के बाद दोपहिया-तीन पहिया वाहनों को यत्र-तत्र देखा गया। बंद समर्थक कमोबेश शांतिपूर्ण तरीके से ही अपना विरोध प्रकट करते हुए देखे गए। इंडोर स्टेडियम, दुमका को कैंप जेल बनाया गया था। विभिन्न सूत्रों से मिली अपुष्ट जानकारी के अनुसार कुल 2231 बंद समर्थकों को गिरफतार किया गया।  प्राप्त समाचार के अनुसार दुमका नगर में जहाँ एक ओर 344 बंद समर्थकों को गिरफतार किया गया, वहीं दुमका मुफस्सिल थाना ज्ञेत्र में 196, हंसडीहा थाना क्षेत्र में 62, सरैयाहाट थाना क्षेत्र  में 40, रानेश्वर थाना क्षेत्र में 91, जरमुंडी थाना क्षेत्र में 81, जामा थाना क्षेत्र में 105, शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में 406, मसलिया थाना क्षेत्र में 488, गोपीकान्दर थाना क्षेत्र में 127, रामगढ़ थाना क्षेत्र में 110 व मसानजोर थाना क्षेत्र में 73 बंद समर्थकों को गिरफतार किया गया। तालझारी व टांेगरा थाना क्षेत्रों में बंद समर्थक शून्य रहे। इंडोर स्टेडियम को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। झामुमों सहित सीपीएम, राजद, झाविमों व अन्य दलो के नेताओं-कार्यकर्ताओं को कैंप जेल इंडोर स्टेडियम में रखा गया। नगर थाना की टीम विभिन्न रास्तों पर पूरेी तरह मुस्तैद देखी गई। थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार व उनके अधिनस्थों ने टीम बाजार दुमका में विरोध धरना पर बैठे सीपीएम नेताओं को गिरफतार किया। झामुमों जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह, सीपीएम नेता एहतेशाम अहमद, राजद से अमरेन्द्र यादव को विरोध प्रदर्शन में खुलकर देखा गया। डीसी व एसपी बंद में व्यवस्था की माॅनिटरिंग खुद कर रहे थे। अधिनस्थों को आवश्यक निर्देश के आलोक में कार्रवाई के लिये तत्पर देखा गया। इस अवसर पर दूकानें बंद रही। बस स्टाॅप पर बसें नदारद थीं। टेंपू-रिक्सा, ठेला इत्यादि नजर नहीं आ रहे थे। शब्जियों से लेकर खाद्य पदार्थों तक की दूकाने बंद थीं। यत्र-तत्र मेडिकल दूकानें खुली अवस्था में देखी गई। पूरे शहर में सन्नाटा पसरा था। चाय-पान की दूकानें तक बंद पायी गई। दोपहर 12 बजे के बाद कई स्थानो पर कुछ दूकानों को खुले अवस्था में देखा गया। यातायात पूरी तरह प्रभावित था। चप्पे-चप्पे पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस चस्पा थी। संपप्र के अन्य जिलों में भी बंद का प्रभाव पूरी तरह देखा गया। सरकारी कार्यालय, मेडिकल, स्कूल, व अन्य संस्थान खुले रहे। कार्यालयों में भी काम-काम प्रभावित दिखा। प्राप्त समाचार के अनुसार बंद में प्रभावित यातायात की वजह से अलग-अलग क्षेत्रों से दूसरे-तीसरे स्थानों पर काम करने वाले सरकारी नुमांइदों को समय पर  कार्यालय पहुँचने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। 
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