"जिंदगी का तमाशा" - एक नुक्कड़ नाटक जो एक बच्चे के शुरुवाती 1000 दिनों के बारे में बात करता है - Live Aaryaavart

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शनिवार, 28 जुलाई 2018

"जिंदगी का तमाशा" - एक नुक्कड़ नाटक जो एक बच्चे के शुरुवाती 1000 दिनों के बारे में बात करता है

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भोपाल (आर्यावर्त डेस्क) 28 जुलाई, आज दिनांक 27 जुलाई  को जिंदगी  का तमाशा नाटक का मंचन भोपाल के इकबाल मैदान में अंश वेलफेयर सोसाइटी एवं यूथ फॉर चिल्ड्रेन ने यूनिसेफ के सहयोग से किया जिसमे लगभग 250 युवाओ, बच्चो एवं समुदाय के लोगो ने भाग लिया ! यह नुक्कड़ नाटक  टीकाकरण, स्तनपान, संस्थागत  प्रसव और बच्चे के स्वास्थ्य की देखभाल के बारे में आम मिथकों को तोड़ने के बारे में जागरूकता फैल रहा है। श्री अशोक कुमार भार्गव; महिला एवं बाल विकास आयुक्त, श्री जे एन कंसोटिया; प्रधान सचिव, मध्य प्रदेश सरकार- महिला एवं बाल विकास विभाग, सुश्री अनुराधा शंकर; एडीजी- पुलिस, डॉ. यास्मीन अली हक़ ; यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि, श्रीमान जीतू पटवारी; अध्यक्ष राज्य युवा कांग्रेस और श्री माइकल जुमा; यूनिसेफ मध्य प्रदेश प्रमुख इस कार्यक्रम के अतिथि थे। कार्यक्रम की शुरूवात में युवा बैंड समूह रुतवा द्वारा एक गीत “ तुझे सब है पता मेरी माँ ......” गाकर की गयी ! इसके बाद जिंदगी  का तमाशा -नाटक मेरेथन  श्रंखला का 32 वा मंचन किया गया जिसमें स्तनपान , जब से बच्चा गर्भ में आता है व बच्चे के जीवन के शुरुवाती १००० दिन के बारे में बताया गया ! 

महिला एवं बाल विकास के आयुक्त श्री अशोक कुमार भार्गव ने कहा कि बच्चे देश की संपत्ति हैं, उनका भविष्य देश का भविष्य होता है। उन्होंने कहा कि इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज में विशेष रूप से बच्चों के सम्बन्ध में रूढ़िवादी सोच और परम्परायो को तोड़ने के लिए एक मजबूत संदेश दिया गया है ! श्री जीतू पटवारी, अध्यक्ष एम.पी. कांग्रेस ने नुक्कड़ मैराथन टीम के सदस्यों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें बिना किसी बाधा के अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों को बचाने के लिए समाज, सरकार और राजनीतिक दलों द्वारा सामूहिक प्रयास करने की अपील की। श्री जे एन कंसोटिया , महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रधान सचिव ने समाज की वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर बल दिया जो हमें प्रगति और विकास की ओर ले जाती है। उन्होंने युवाओं से राज्य में उच्चतम शिशु मृत्यु दर और मात्  मृत्यु दर पर मंथन करने का अनुरोध किया और वंचित और जनजातीय समुदाय में जागरूकता लाने के लिए सभी का ध्यान केंद्रित करने का आवाहन किया ! डॉ. यास्मीन अली हक़, प्रतिनिधि यूनिसेफ इंडिया ने युवा समूह को स्तनपान जैसे मुद्दों को उठाने के लिए बधाई दी ,जो की यूनिसेफ के बहुत करीब होने के साथ साथ और भारत के युवाओ के दिमागी विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जीवन के पहले 1000 दिनों के दौरान स्तनपान और पोषण के महत्व के बारे में सीखा जो पूरी तरह से जन आंदोलन के प्रमुख संदेशों के साथ गूंजता है और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सरल एवं सकारात्मक संदेशो को फैलाता है । मैं समाज में व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने और बच्चों के जीवन पर असर डालने वाले मुद्दों को संबोधित करने के लिए चैंपियनों की भावना को सलाम करती हूं। अंत में, मेहमानों को बच्चों के विकास और देखभाल के प्रतीक के रूप में उपहार स्वरुप पौधे दिए गए । सभी अतिथियों ने नुक्कड़ मैराथन टीम के सदस्यों को कड़ी मेहनत करके एक सामाजिक मुद्दे को उठाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
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