बिहार : आंगनबाड़ी सेविकाओं के बाद आशा दीदी भी आंदोलन के मूड में - Live Aaryaavart

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बुधवार, 8 अगस्त 2018

बिहार : आंगनबाड़ी सेविकाओं के बाद आशा दीदी भी आंदोलन के मूड में

जन स्वास्थ्य अभियान की रीढ़ आशा कार्यकर्ता के न्यायसंगत सवालों को नकारा गया है चौधरी कमिटी की रिपोर्ट में, 15 अगस्त की घोषणाओं में अगर आशा के मासिक मानदेय और नियमितीकरण को नही जोड़ा गया तो 16अगस्त को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री का पुतला जलाया जायेगा
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पटना, 8अगस्त, 2018। संविदा कर्मियों को लेकर गठित उच्चस्तरीय चौधरी कमिटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है।कमिटी ने स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों के साथ आशा का भी जायज़ा लिया था जो जन स्वास्थ्य अभियान की मुख्य कड़ी है।कई राज्यों में इन्हें मासिक पारिश्रमिक मिलता है लेकिन बिहार में इन्हें किसी तरह का कोई मासिक मानदेय नही मिलता है।इन्हें सांस्थानिक प्रसव और टीकाकरण का कुछ प्रोत्साहन राशि मिलता है। बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ सम्बद्ध गोप गुट की राज्य अध्यक्ष शशि यादव ने आज रिपोर्ट के हवाले कहा है कि रिपोर्ट में आशा के सवालों की अनदेखी हुई है।आशा केंद्रीय स्कीम के तहत कार्यरत हैं,इसलिए उनके सवालों की चर्चा रिपोर्ट में नही है,विश्वस्त श्रोतों से यह जानकारी मिली है।उन्होंने कहा कि अगर यह सही है तो यह 80-85 हज़ार आशाओं के साथ नाइंसाफी है।उन्होंने कहा है कि आशाओं की बहाली पंचायतों के माध्यम से हुई है,वह राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की कार्यकर्त्ता हैं तथा केंद्र व राज्य सरकार के स्वास्थ्य अभियान को जमीन पर उतारती हैं।संस्थागत प्रसव,टीकाकरण अभियान के मोर्चे पर उपलब्धि इन्ही की मिहनत से सम्भव हुआ है। आशा की राज्य अध्यक्ष ने कहा कि हम 15 अगस्त की प्रतीक्षा करेंगे,अगर प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री अपेक्षित घोषणा आशा को लेकर नही करते हैं तो 16 अगस्त को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला जलाया जायेगा।जल्द ही आशा कार्यकर्ता का राज्य सम्मेलन बुलाकर अभियान तेज़ किया जायेगा।
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