राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया : ब्रजेश ठाकुर - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 9 अगस्त 2018

राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया : ब्रजेश ठाकुर

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मुजफ्फरपुर 8 अगस्त, बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह में लड़कियों के साथ यौनाचार मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर ने इस मामले में बुधवार को खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वह कांग्रेस से चुनाव लड़ना चाहते थे, इस कारण उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। ठाकुर के इस बयान के बाद राज्य की सियासत गरम हो गई है। कांग्रेस ने हालांकि ठाकुर के बयान को हास्यास्पद बताया है। मुजफ्फरपुर अदालत में पेश होने आए ठाकुर ने संवाददाताओं से बातचीत में मंजू वर्मा से गहरे रिश्ते से इंकार करते हुए कहा कि उनका समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति से केवल व्यवहारिक संबंध था। उन्होंने कहा, "यह लगभग तय था कि मैं कांग्रेस में शामिल होने वाला था। दिल्ली के कई केंद्रीय नेताओं से मेरी बात चल रही थी, यह सब इसलिए भी हो रहा है। आश्रय गृह की किसी भी लड़की ने मेरा नाम नहीं लिया है, इसकी जांच कराई जा सकती है।" ठाकुर ने यह नहीं बताया कि वह लोकसभा चुनाव लड़ने वाले थे या विधानसभा चुनाव।

इस बीच, ठाकुर को जब पेशी के लिए अदालत लाया जा रहा था, जन अधिकार पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने उन पर स्याही फेंकी। इसके बाद अदालत परिसर में अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, बाद में अदालत की सुरक्षा बढ़ा दी गई। उल्लेखनीय है कि बालिका आश्रय गृह मामले में गिरफ्तार ब्रजेश ठाकुर समेत 10 आरोपियों को पेशी के लिए मुजफ्फरपुर अदालत में लाया गया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने ब्रजेश के बयान को हास्यास्पद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रजेश पर नीतीश कुमार और सुशील मोदी का दबाव पड़ा है, इसलिए वह कांग्रेस का नाम ले रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार इस मामले को उठा रही है, इस कारण ऐसे बयान दिलवाए जा रहे हैं। जद(यू) प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "जब आरोपी ही सबकुछ खुद बोल रहा है, तब अब इसमें बोलने की क्या बात है। उनके किससे संबंध थे, यह तो अब आरोपी खुद कह रहा है। अब पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही हैं। सबकुछ सामने आ जाएगा।"

गौरतलब है कि 'सेवा संकल्प एवं विकास समिति' द्वारा संचालित बालिका आश्रय गृह में 34 लड़कियों से दुष्कर्म की बात एक सोशल अडिट में सामने आई थी। बिहार समाज कल्याण विभाग ने मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) द्वारा बिहार के सभी आश्रय गृहों का सर्वेक्षण करवाया था, जिसमें यौन शोषण का मामला सामने आया था। इस सोशल अडिट के आधार पर मुजफ्फरपुर महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संस्था के संरक्षक ब्रजेश ठाकुर समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सिफारिश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस आश्रय गृह दुष्कर्म मामले की जांच अपने हाथों में ले ली है।
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