बेगूसराय : दामिनी के जन्मदिन पर विष्णु दिगंबर पलुस्कर और भयात खण्डे की भी संयुक्त जायनी मनाई गई। - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 28 अगस्त 2018

बेगूसराय : दामिनी के जन्मदिन पर विष्णु दिगंबर पलुस्कर और भयात खण्डे की भी संयुक्त जायनी मनाई गई।

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बेगूसराय (अरुण कुमार) , दिनांक 27 अगस्त को स्वर कोकिला कुमारी दामिनी की जन्म तिथि का आयोजन दामिनी के आवास लाभरचक,रामदीरी बेगूसराय में बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया।चूँकि अगस्त महीने में ही शास्त्रीय संगीत के दो दो महारथियों का जन्म है और दामिनी का भी जन्म दिन अगस्त में ही है और दामिनी भी शास्त्रीय संगीत से जुड़ी हुई है,जुड़ी हुई नहीं वल्कि यूँ कहें कि राज्य स्तरीय प्रतियोग्यता में प्रथम,पटना और राँची से अवार्ड प्राप्त कर जिले का नाम रौशन किया है।इसके परिवार में ही सरस्वती का निवास है,इसके पिता दयानंद मिश्र भी मुंगेर विद्यालय में संगीत शिक्षक हैं और इसके चाचा श्री सदानंद मिश्र भी जिले के प्रसिद्ध तबला बादकों में एक हैं।दामिनी की दो बहनें भी भारती और छोटी दोनो ने ही कई मंचों पर सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं।इस मौके पर शास्त्रीय संगीत को एक नया आयाम देनेवाले पण्डित विष्णु दिगम्बर पलुषकर को याद करना अपने सम्मान में चार चाँद लगाने के समान है।पलुषकर के पूर्व संगीतों की शिक्षा दीक्षा मौखिक ही हुआ करता था।इन्होंने संगीत के स्वरलिपि का संयोजन कर कई पुस्तक नवोदितों के लिये उपहार स्वरुप देने का कार्य किया।पलुषकर ने 1901 में संगीत के शिकहा के लिये पाकिस्तान के लाहौर में गांधर्व विद्यालय की स्थापना की और भारतीय संगीत को एक विशिष्ट स्थान भी देने का कार्य किया।इनका जन्म 18 अगात 1872 ईस्वी कुरुनद्वाद नगर में हुआ था और 21 अगस्त 1931 में अपने जीवन के 59 वर्ष पूरे कर मृत्यु को प्राप्त हुए।वहीं पण्डित श्री विष्णु नारायण भात खण्डे का भी जन्म 10 अगस्त 1860 ईस्वी में हुआ था और 19 सितम्बर 1936 में मृत्यु को प्राप्त हो गए थे।ये भी हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के विद्वान थे।ये आधुनिक भारत में शास्त्रीय संगीत के पुनर्जागरण के लिये अग्रदूत के रुप में माने जाते है।इन्होंने शास्त्रीय संगीत के विकास के लिये भात खण्डे संगीत शास्त्र की रचना कर कई पुस्तक लिखे जससे आज सभी संगीत प्रेमी,संगीत के क्षेत्र में आनेवाले नवोदितों के लिये जैसे सुगम मार्ग ही बना दिया हो।ऐसे महान संगीतज्ञ को रामदेई लाभरचक निवासी मिश्रा परिवार विगत 10 वर्षों से दामिनी के जन्मदिन पर दोनो शास्त्रीय संगीत के पुरोधा को याद करते आ रहे हैं।इस अवसर पर श्यामा चिल्ड्रन के संस्थापक फूल कुमार झा,भारद्वाज विद्यापीठ के नागेन्द्र कुमार सिंह,रंगकर्मी सह चर्चित उद्घोषक सनोज राविल,टुनटुन जी तबला वादक,गोपू पंकज सर,गिरीश सर आदि कई नगर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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