कांग्रेस आरएसएस से लड़ने को प्रतिबद्ध : राहुल गाँधी - Live Aaryaavart

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बुधवार, 8 अगस्त 2018

कांग्रेस आरएसएस से लड़ने को प्रतिबद्ध : राहुल गाँधी

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नई दिल्ली, 7 अगस्त, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी 'नर-उग्रराष्ट्रवादी' राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके राजनीतिक मोर्चे भाजपा के खिलाफ विचाराधारा की लड़ाई लड़ने के लिए अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ काम कर रही है। आरएसएस-भाजपा को राहुल ने पुरुषवादी मानसिकता वाले संगठन करार दिया। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस द्वारा यहां के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा और इसके मूल संगठन की विचारधारा इतनी पुरुषवादी है कि इसमें महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। यही वजह है कि आरएसएस की किसी शाखा में आप एक भी महिला को नहीं देखेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में ऐसा कोई भी संगठन, अल्पसंख्यक समुदाय नहीं है, जिसपर भाजपा शासन में हमला न हुआ हो। राहुल ने कहा कि कांग्रेस सभी संस्थानों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और भाजपा व आरएसएस से विचारधारा के स्तर पर लड़ने के लिए पार्टी सभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर काम कर रही है। राहुल ने कहा कि वह पार्टी में हर स्तर पर महिलाओं के लिए विशेष स्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और वह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें कांग्रेस में पुरुषों के बराबर अधिकार मिले। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "आरएसएस और भाजपा देश को ऐसे दृष्टिकोण नहीं दे सकते। वे लोग आरएसएस में कभी भी महिलाओं को शामिल होने की अनुमति नहीं देंगे..इनका पूरी तरह से पुरुषों का उग्र राष्ट्रवादी संगठन है, जहां महिलाओं को जगह नहीं दी जाती।"

राहुल ने कहा, "भाजपा हमारे देश को बर्बाद कर रही है, हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को नुकसान पहुंचा रही है। देश में ऐसा कोई भी संस्थान नहीं है, जिस पर हमला न किया गया हो।" उन्होंने कहा, "अल्पसंख्यक, दलित, महिलाएं और जनजातीय, सभी के ऊपर हमला किया जा रहा है। इनकी रक्षा करना हमारा दायित्व है और हम पीछे नहीं हटेंगे। हम भाजपा को हराएंगे।" कांग्रेस प्रमुख ने कहा, "मैं महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए, आपके लिए विशेष जगह बनाने के लिए प्रतिबद्ध हूं, लेकिन यह आपको मुफ्त में नहीं मिलेगा। आपको अपनी जगह पाने के लिए इसे कमाना होगा। आपको पुरुषों के साथ मुकाबला करना होगा..आपको नीति निर्माण के बारे में और चुनाव लड़ने के बारे में सीखना होगा।" राहुल ने आगे कहा कि वह लिंग (जेंडर) से इतर ज्यादा सक्षम उम्मीदवार चुनेंगे, लेकिन जब उन्हें बराबर के क्षमतावान पुरुष और महिलाओं में से एक को चुनना होगा, तो वह महिला को चुनेंगे-चाहे वह पार्टी के आंतरिक संरचना में हो या चुनाव का टिकट देने के मामले में हो।
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