बिहार : प्रगति भवन में भोजन संचालकों का प्रशिक्षण 7 व 8 अगस्त को - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 3 अगस्त 2018

बिहार : प्रगति भवन में भोजन संचालकों का प्रशिक्षण 7 व 8 अगस्त को

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पटना। एकता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप प्रियदर्शी ने जानकारी दी है कि 2 अक्टूबर 2018 से हरियाणा राज्य के पलवल में जनांदोलन 2018 सत्याग्रह पदयात्रा होगा। इसमें देश-विदेश-प्रदेश से 25 हजार सत्याग्रही जुटेंगे।वहीं बिहार से 5 हजार सत्याग्रही कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार से जो 5 हजार सत्याग्रही जाएंगे हरियाणा। इनको जाने और ले आने की जिम्मेवारी सुनिश्चित की गयी है। 5 हजार सत्याग्रहियों को पांच दल में विभक्त किया गया है।विभक्त दल का नेता शिविर नायक होंगे। इनको 1000 सत्याग्रहियों का नेतृत्व करना है। इनके अधीन 10 से अधिक दल नायक होंगे। सभी 10 दल नायक 100 सत्याग्रहियों का नेतृत्व करेंगे। इन दल नायकों के अधीन 10 से अधिक दस्ता नायक रहेंगे। दस्ता नायक 10-10 सत्याग्रहियों का नेतृत्व करेंगे। तात्पर्य यह है कि बिहार में 5 शिविर नायक और उतने ही सहयोगी शिविर नायक होंगे।50 दल नायक होंगे और 500 दस्ता नायक होंगे।सभी के सहयोग से 5 हजार की संख्या में सत्याग्रही हरियाणा जाएंगे। अब बिहार से हरियाणा जाने वाले सत्याग्रहियों का भोजन संचालन करने के लिए 5 शिविर नायकों से 2-2 भोजन संचालकों को बुलावा दिया गया है। उनको प्रगति भवन,बेली रोड में  जाना है। 7-8 अगस्त को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।  बता दें कि 2007 में जनादेश सत्याग्रह पदयात्रा में 25 हजार सत्याग्रही ग्वालियर से दिल्ली पदयात्रा किए थे। केंद्र सरकार आश्वासन देकर मांग पूरी नहीं की। 5 साल के बाद घोषित आश्वासनों को पूर्ण करवाने को लेकर 2012 में जन सत्याग्रह 2012 सत्याग्रह पदयात्रा में 80 हजार सत्याग्रही ग्वालियर से दिल्ली तक पदयात्रा तक बढ़े थे। दिल्ली पर चढ़ाई के पहले ही मोहब्बत की नगरी आगरा में केंद्र सरकार व एकता परिषद के साथ लिखित द्विपक्षीय समझौता हुई। केंद्र सरकार की ओर पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेशऔर एकता परिषद के संस्थापक अध्यक्ष पी.व्ही.राजगोपाल ने करतल ध्वनि के बीच में हस्ताक्षर किए।फिर वही कहानी आश्वासन देकर भूल गये।

जनादेश के 11 साल और जन सत्याग्रह के 6 साल के बाद जनांदोलन 2018 सत्याग्रह पदयात्रा द्वार पर है। दोनों आंदोलन से उत्पन्न मांगों को समेटकर 6 सूत्री बनाया है। जो इस प्रकार है.. राष्ट्रीय आवासीय भूमि अधिकार कानून की द्योषणा एवं क्रियान्वयन,राष्ट्रीय कृषक हकदारी कानून की द्योषणा एवं क्रियान्वयन,राष्ट्रीय भूमि नीति की द्योषणा व क्रियान्वयन,भारत सरकार द्वारा पूर्व में गठित राष्ट्रीय भूमि सुधार परिषद और राष्ट्रीय भूमि सुधार कार्यबल समिति को सक्रिय करना,वनाधिकार कानून -2006 और पंचायत (विस्तार उपबन्ध) अधिनियम -1996 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय  व प्रांतीय स्तर पर निगरानी तंत्र की स्थापना और भूमि संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान के लिए त्वरित न्यायालयों का संचालन को लेकर पलवल (हरियाण) से दिल्ली तक पदयात्रा करेंगे।
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