दुमका: श्रावणी मेला के 13 वें दिन जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 1,07,720 रही - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 9 अगस्त 2018

दुमका: श्रावणी मेला के 13 वें दिन जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 1,07,720 रही

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) श्रावणी मेला के 13 वें दिन पर सायं 4 बजे तक फौजदारी बाबा बासुकीनाथ महादेव पर जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की   कुल संख्या 1,07,720 रही। दर्शनार्थी 85, 415 व जलार्पण कांउटर से 22, 305 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। शीघ्र दर्शनम से 1, 505 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। गोलक से प्राप्त राशि 66, 575 रुपये रही। जलार्पण काउंटर से प्राप्त राशि 11, 215 रुपये रहे तथा अन्य स्त्रोत से प्राप्त राशि 3, 053 रही। चांदी का सिक्का 5 ग्राम का 3 व 10 ग्राम के चांदी के कुल 4 सिक्को की बिक्री हुई। चांदी का द्रव्य 92 ग्राम प्राप्त हुआ। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गये विभिन्न चिकित्सा शिविरों में मेला के 13 वें दिन कुल 3, 126 श्रद्धालुओं का निःशुल्क चिकित्सा किया गया।  20 सय्या वाले वातानुकूलित टेन्ट अस्पताल बासुकिनाथ में 574, मुख्य प्रसासनिक शिविर में 767, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जरमुण्डी में 114, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तालझारी में 105, स्वास्थ्य शिविर सहारा में 83, राजस्व तहसील कचहरी बासुकिनाथ में 216, रेलवे स्टेशन बासुकिनाथ में  186, कांवरियां केम्प बोगली में 106, कांवरियां केम्प मोतीहारा में 85, कांवरियां केम्प सुखजोरा में 98, स्वास्थ्य उपकेन्द्र बासुकिनाथ में 173 व स्वास्थ्य शिविर सिंह द्वार मंे 598 लोगों का निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था करायी गई। मेडिकल मोबाईल यूनिट 21 रहा। 603 वैक्सिन भी दिये गये।

जिला प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्था
श्रावणी मेला के 13 दिन पूरे हो चुके हैं। पूरे 1 माह तक चलने वाले इस मेले में अब तक लाखों लाख की संख्या में श्रद्धालु बाबा पर जलार्पण कर चुके है एवं निरंतर श्रद्धालुओं के आने का तांता लगा हुआ है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो वे सुगमता पूर्वक जलार्पण कर सकें इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाये की गयी हैं। श्रद्धालुओं के बासुकिनाथ आगमन होते ही उन्हें जिला प्रशासन की व्यवस्थाये दिखने लगती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा से लेकर उनके स्वास्थ्य, आवासन आदि सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की गयी हैं। एक तरफ जहां श्रद्धालुओं के आवासन के लिए 1000 क्षमता वाले टेंट सिटी तथा सूचना जनसम्पर्क विभाग द्वारा 5 निःशुल्क आवासन केंद्र का निर्माण किया है वहीं श्रद्धालुओ के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई अस्थायी स्वास्थ्य केन्द्रे भी बनाये गए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ की टीम शिवगंगा में उपस्थित है एवम कई बार एनडीआरएफ की टीम हर परिस्थिति में उपस्थित दिखाई देती है। कई बार श्रद्धालुओं की तबियत भी मेला क्षेत्र में खराब हो जाती है इस दौरान एनडीआरएफ की टीम पूरी तत्परता से अपने कर्तव्य स्थल पर उपस्थित दिखाई देती है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई कठनाई न हो यही जिला प्रशासन का संकल्प है और इसे सार्थक करने के लिए सभी प्रतिनियुक्त पूरी तत्परता से कार्य कर रहे हैं।
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