बिहार : वाम व विपक्षी दलों के साथ मिलकर बिहार में खड़ा किया जाएगा बड़ा जनांदोलन - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 10 अगस्त 2018

बिहार : वाम व विपक्षी दलों के साथ मिलकर बिहार में खड़ा किया जाएगा बड़ा जनांदोलन

  • भाकपा-माले जिला सचिवों की बैठक संपन्न, माले महासचिव ने किया संबोधित.
  • 27 सितंबर भाजपा भगाओ-लोकतंत्र बचाओ रैली तैयारी पर हुई चर्चा
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पटना 10 अगस्त 2018, 27 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित भाजपा भगाओ-लोकतंत्र बचाओ रैली की तैयारी को लेकर आज माले राज्य कार्यालय में पार्टी के जिला सचिवों की बैठक हुई. बैठक में मुख्य रूप से पार्टी महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा, अमर व राजाराम सिंह, वरिष्ठ नेता केडी यादव व राजाराम, केंद्रीय कमिटी के सदस्य मीना तिवारी, जवाहर लाल सिंह, शशि यादव, अरूण सिंह, मनोज मंजिल, सरोज चैबे, गोपाल रविदास आदि नेता उपस्थित थे. पार्टी जिला सचिवों को संबोधित करते हुए माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज पूरे देश में भाजपा के खिलाफ जबरदस्त माहौल बना हुआ है. मुजफ्फरपुर की घटना के बाद बिहार में भाजपा-जदयू का असली चरित्र पूरी तरह बेनकाब हो चुका है. सुशासन, विकास, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय इत्यादि नीतीश कुमार के मुहावरे रहे हैं और इसी आधार पर उनकी एक छवि निर्मित की गई थी. उनकी वह फर्जी छवि आज पूरी तरह बेनकाब हो गई है.  उन्होंने कहा कि विगत 15 वर्षों में बिहार में एक नए किस्म का माफियातंत्र विकसित हुआ है जिसके तहत सरकारी संसाधनों की संस्थागत लूट व उत्पीड़न अनवरत जारी है. गैर सरकारी संगठनों को सरकार में भागीदार बनाने की नीतीश सरकार की नीतियों ने बालिका गृहों को सेक्स रैकेट व चाइल्ड एब्यूज का केन्द्र बना दिया है. इन्हीं नीतियों ने सृजन घोटाले, मनरेगा लूट और जीविका-शिक्षा-शौचालय-दवा आदि घोटालों को जन्म दिया. मनोरमा देवी से लेकर ब्रजेश ठाकुर इसी नए माफियातंत्र की उपज हैं. एक तरफ माफियाओं की चांदी है तो दूसरी ओर शराबबंदी की आड़ में डेढ़ लाख से अधिक दलित-गरीबों को जेल में बंद कर दिया गया है. सरकार का पाखंड आज पूरी तरह उजागर है. मानव संसाधन से लेकर आधारभूत संरचनाओं में व्यापत इस संस्थाबद्ध भ्रष्टाचार को आज साफ-साफ तौर पर देखा जा सकता है. मुजफ्फरपुर की घटना ने नीतीश कुमार के तमाम दावे के खोखलेपन को जाहिर कर दिया है. बैठक में वाम दलों व विपक्ष की तमाम ताकतों के साथ मिलकर बिहार में एक बड़ा अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया. 27 सितंबर की रैली की तैयारी में पूरे बिहार में जनसंपर्क अभियान चल रहा है. अब तक 5 लाख परिवारों से जनसपंर्क स्थापित किया गया है और उन्हें 27 अगस्त की रैली में पटना आने का आमंत्रण दिया गया है. 28 जुलाई को पार्टी के पहले महासचिव का. चारू मजूमदार की शहादत दिवस के अवसर पर हजारों गांवों में बैठकें आयोजित हुईं और उनके बीच रैली का संदेश पहुंचाया गया. बैठक मंे मुजफ्फरपुर सहित सभी शेल्टर गृह मामले में टिस की रिपोर्ट के आलोक में नीतीश कुमार से एक्शन टेकेन रिपोर्ट अविलंब पेश करने की मांग की गई. यदि नीतीश कुमार ऐसा नहीं करते तो उनके इस्तीफे के सवाल पर चैतरफा पहलकदमी ली जाएगी.
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